प्रयागराज। लॉकडाउन के दौरान भीषण गर्मी में भूख व प्यासे रहकर सफर करना प्रवासियों को भारी पड़ रहा है। वह न सिर्फ बीमार पड़ रहे हैं बल्कि उनकी जान भी जा रही है। पिछले तीन दिन में ही दो ऐसे लोगों की मौत ट्रेन में हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि एक साथ भूख प्यास, थकान व गर्मी का वार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
सोमवार रात अहमदाबाद से पटना जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार संतकबीर नगर निवासी नवी सरवर 30 की मौत हो गई थी। वह गुजरात से ट्रेन में सवार हुआ था। प्रयागराज जंक्शन पहुंचने से पहले ही उसकी तबियत बिगड़ी और कुछ देर बाद उसकी सांसें थम गईं। 12 घंटे भी नहीं बीते थे कि मंगलवार को ट्रेन से लौट रहे एक और मजदूर की मौत हो गई। वह मुंबई से दरभंगा जाने वाली ट्रेन पर सवार था और उसे कटिहार जाना था। हालांकि रास्ते में ही उसकी तबियत बिगड़ गई और प्रयागराज जंक्शन पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों का कहना है कि मजदूरों की मौत का कारण तो पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा लेकिन यह बात तो तय है कि भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे रहकर सैकड़ों किमी का सफर उनकी जान पर भारी पड़ रहा है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ ओपी त्रिपाठी कहते हैं कि 40 डिग्री तापमान में लगातार कई-कई घंटों के सफर के चलते शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिससे डिहाईड्रेशन की समस्या होने लगती है। एक सीमा के बाद यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा अगर कोई शुगर, दमा, ब्लड प्रेशर का मरीज है तो उसके लिए नियमित रेस्ट और संतुलित आहार बेहद जरूरी है। इसके न होने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का संतुलन बिगड़ेगा अैर वह गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकता है। जिससे मौत भी हो सकती है। शहर के जाने-माने फिजीशियन डॉ युगांतर पांडेय भी कुछ ऐसा ही कहते हैं। उनका कहना है कि मजदूर कई-कई घंटों का सफर लगातार करके घर पहुंच रहे हैं। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी में बिना किसी रेस्ट या भूखे-प्यासे रहकर सफर करना बेहद खतरनाक है।
इनकी भी जान पर सफर पड़ा भारी
- मांडा के बकुलिया गांव में सुशील कुमार पटेल की दिल्ली से लौटते वक्त तबियत बिगड़ने के बाद मौत
- 13 मई को परिवार के साथ मुंबई के धारावी से ट्रक से आते समय मोहम्मद असगर उम्र 40 वर्ष निवासी अकबरपुर उर्फ गंगा गंज थाना नवाबगंज की पिपरिया थाना सिपारा महाराष्ट्र के बॉर्डर पर हार्ट अटैक से मौत
- हंडिया के भीटी गांव निवासी संतोष कुमार बिंद की ट्रक से लौटते वक्त भोपाल के पास तबियत खराब होने पर मौत
- आसनसोल से लौटे मांडा के नहवाई गांव निवासी संगम तिवारी उर्फ पटृटर उम्र 40 की होम क्वारंटीन के दौरान मौत
- कौशाम्बी के चरवा के चरवा खुर्द गाँव का सुरेन्द्र रैदास उम्र करीब 22 वर्ष पुत्र सर्वजीत रैदास मुंबई से आने के बाद 15 मई को मौत
- प्रतापगढ़ में रानीगंज के जामताली निवासी जुम्मन अहमद (56) की मुंबई से ट्रक पर सवार होकर लौटते वक्त सोरांव में तबियत बिगड़ने से मौत
- प्रतापगढ़ में भूपियामउफ के पास श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लुधियाना से जौनपुर आने के बाद रोडवेज की बस से बांदा जा रहे वहां के महुई गांव निवासी विनोद कुमार (18) की तबियत बिगड़ने पर मौत