30 नवंबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षक संंतोष कुमार पटेल ने पुलिस को बताया था कि धूमनगंज के लखनपुर स्थित फर्म मेसर्स एमके हेल्थकेयर से कोडीनयुक्त कफ सिरप की 100 एमएल की 89,600 बोतलों की खरीद फरोख्त की जानकारी मिली है। सत्यापन के लिए फर्म के निरीक्षण पर गए तो वह बंद मिली।
फर्म के प्रोपराइटर मोहम्मद सैफ ने बताया कि वह दिल्ली में है और अगले दो दिन में आकर फर्म के निरीक्षण की कार्रवाई पूरी कराएगा। इसके अगले दिन सैफ के भाई फैजुर रहमान ने कफ सिरप की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज दिखाए, जिससे पता चला कि उक्त फर्म ने वाराणसी में कफ सिरप की 89,600 बोतलें बेची हैं।
20 नवंबर को निरस्त किया गया लाइसेंस
एफआईआर के मुताबकि, प्रयागराज मंडल औषधि सहायक आयुक्त संजय ने उक्त फर्म को 17 अक्तूबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। फर्म की ओर से कोई जवाब न मिलने पर 20 नवंबर को इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त कार्यालय से मिली एक्सेल शीट के आधार पर जब प्रदेश भर के रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि उक्त कंपनी की ओर से फेनसेडिल डीएक्स सिरप की 9,67,724 बोतलें विभिन्न तारीखों पर खरीदी गई थीं। ये सभी कोडीनयुक्त नॉरकोटिक कैटेगरी की औषधियां हैं, जिनका बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग गैरकानूनी है।