महादेव की तपस्या-पूजन से कठिन कार्य होते हैं सरल
फाल्गुन मास कृष्णपक्ष की त्रयोदशी-चतुर्दशी के बीच महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महादेव की तपस्या और पूजा से कठिन कार्य सरल हो जाते हैं। ग्रह आदि की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार एक साल में 11 मास शिवरात्रि होती हैं। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि महाशिवरात्रि होती है, क्योंकि इस दिन भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था।
दुर्लभ संयोग : पंडित गिरीश प्रसाद मिश्र के अनुसार महाशिवरात्रि पर नौ साल बाद पंचग्रही योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। विशेष संयोग है कि महाशिवरात्रि रविवार को है फिर अगले ही दिन सोमवार भी श्रद्धालुओं के लिए शुभ फलदायी रहेगा।
चार शक्तिशाली राजयोग : विद्वानों के मुताबिक बुद्धादित्य राजयोग में पूजा से मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि, लक्ष्मी-नारायण योग में धन, समृद्धि, विलासिता और व्यापार में बड़ा लाभ, शुक्रादित्य योग में कलात्मक सफलता, सुख-सुविधाएं और सामाजिक वर्चस्व बढ़ेगा।