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Mahashivratri News : महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग, महादेव के पूजन के कई योग

Sat, 14 Feb 2026 06:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महाशिवरात्रि पर इस बार कई ग्रह एक साथ आएंगे। रविवार को सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और राहु के साथ आने से उत्तम योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, कुंभ राशि पर पंचग्रही योग, विशिष्ट संयोग के साथ अष्ट योग भी बन रहा है।
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महाशिवरात्रि। - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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महाशिवरात्रि पर इस बार कई ग्रह एक साथ आएंगे। रविवार को सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और राहु के साथ आने से उत्तम योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, कुंभ राशि पर पंचग्रही योग, विशिष्ट संयोग के साथ अष्ट योग भी बन रहा है। माघ मेला क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु सुबह से शाम तक पुण्य की डुबकी लगा सकेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. रवि कुमार शर्मा के अनुसार इन योगों को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है।

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रविवार के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा और शाम 7:26 बजे तक श्रवण नक्षत्र का प्रवेश हो जाएगा। वहीं, शाम 7:26 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग रहेगा, जिसे पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन बैजनाथ जयंती भी मनाई जाएगी, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

पंचांग के अनुसार 15 फरवरी की शाम 4:23 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। महाशिवरात्रि पर चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व होने के कारण भक्त भगवान शिव की आराधना, व्रत और रात्रि जागरण करेंगे। उनके मुताबिक इस बार के दुर्लभ योग शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले होंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और भजन-कीर्तन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

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महादेव की तपस्या-पूजन से कठिन कार्य होते हैं सरल

फाल्गुन मास कृष्णपक्ष की त्रयोदशी-चतुर्दशी के बीच महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महादेव की तपस्या और पूजा से कठिन कार्य सरल हो जाते हैं। ग्रह आदि की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार एक साल में 11 मास शिवरात्रि होती हैं। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि महाशिवरात्रि होती है, क्योंकि इस दिन भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था।

दुर्लभ संयोग : पंडित गिरीश प्रसाद मिश्र के अनुसार महाशिवरात्रि पर नौ साल बाद पंचग्रही योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। विशेष संयोग है कि महाशिवरात्रि रविवार को है फिर अगले ही दिन सोमवार भी श्रद्धालुओं के लिए शुभ फलदायी रहेगा।

चार शक्तिशाली राजयोग : विद्वानों के मुताबिक बुद्धादित्य राजयोग में पूजा से मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि, लक्ष्मी-नारायण योग में धन, समृद्धि, विलासिता और व्यापार में बड़ा लाभ, शुक्रादित्य योग में कलात्मक सफलता, सुख-सुविधाएं और सामाजिक वर्चस्व बढ़ेगा।
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