- कुंभ में लगे 20 हजार सफाई कर्मियों और उनके परिजनों को विशेष अभियान चलाकर स्थायी नौकरी दी जाए।
- ग्राम पंचायत की खाली पड़ी जमीनों पर इनके नाम पट्टा आवंटित किया जाए।
- सफाई कर्मियों व उनके आश्रितों को मुद्रा ऋण योजना के तहत लोन दिलाकर आत्म निर्भर बनाने की कोशिश हो।
- सफाई कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष विद्यालयों की स्थापना कर उच्च शिक्षा प्रदान की जाए।
- गरीबी रेखा के तहत बीपीएल राशन कार्ड व अन्य सुविधाएं दी जाएं।
अखिल भारतीय महर्षि वाल्मीकि साधु अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर मश्रीख शाह महाराज ने कहा कि, 'सफाई कर्मियों के पांवों को खुद पखार व तौलिये से साफ कर प्रधानमंत्री ने कमजोरों, दलितों का मान बढ़ाया है। इसके लिए उनका अखाड़े की ओर से हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं, लेकिन जब तक सुविधाएं न मिलें तब तक बात बनती नहीं।'