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प्रयागराज : धार्मिक यात्रा पर निकले महंत बलबीर गिरि पहुंचे गंगोत्री, मां भागरथी की उतारी आरती, किया पूजन

Fri, 28 Jul 2023 06:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज धार्मिक यात्रा पर निकले हैं। शुक्रवार को गंगोत्री धाम में पहुंचे। यहां पर सुबह विशेष मंत्र उच्चारणों के साथ मां गंगा के दर्शन किए। इसके बाद विधि विधान से पूजन किया।
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गंगोत्री पहुंचकर मां गंगा की पूजा करते महंत बलबीर गिरि। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने गंगोत्री धाम पर पहुंचकर पूजन अर्चन किया। मां गंगा की आरती करके आशीर्वाद लिया। इसके बाद गंगोत्री धाम मंदिर में जाकर पूजन किया। बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा चाहे कितना भी शुभ कार्य हो या पूजा हो गंगा जल के बिना अधूरी रहती है। गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं। गंगा मैया की कृपा दृष्टि गंगा पूजा से प्राप्त की जा सकती हैं।

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बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज धार्मिक यात्रा पर निकले हैं। शुक्रवार को गंगोत्री धाम में पहुंचे। यहां पर सुबह विशेष मंत्र उच्चारणों के साथ मां गंगा के दर्शन किए। इसके बाद विधि विधान से पूजन किया। इसके बाद मां गंगा को चुनरी चढ़ाई। इसके बाद गंगोत्री धाम मंदिर गए। वहां मां गंगा के चरण पादुका के पूजन किया। इसके बाद भगीरथी मंदिर में भी जाकर पूजन अर्चन किया।

महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति के लिए गंगा नदी और गंगोत्री धाम का बहुत विशेष महत्व है। उत्तराखंड में स्थित चारों पवित्र धामों में केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ गंगोत्री की यात्रा का अपना विशेष पौराणिक महत्व है। गोमुख भागीरथी नदी का उद्गम स्थल है यह वह पवित्र स्थली है जहां भागीरथी नदी का अवतरण हुआ।

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गंगोत्री धाम हिमालय के भीतरी क्षेत्र की एक ऐसी पवित्र स्थली है जहां गंगा नदी की पावन धारा पहली बार पृथ्वी पर उतरती हैं। हिंदुओं के धार्मिक पुराणों और ग्रंथों के अनुसार देवी गंगा ने कठोर तपस्या के पश्चात एक नदी का रूप लिया और महाराजा भागीरथ के पूर्वजों को उनके पापों से मुक्त किया। महाराजा भागीरथ की तपस्या से पृथ्वी पर आने के कारण गंगा जी का नाम भागीरथी पड़ा।
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