धर्म संसद से किनारा करने के सवाल पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का कहना था कि सनातन बोर्ड के गठन से ज्यादा जरूरी वक्फ बोर्ड को खत्म करना है। जब तक वक्फ बोर्ड समाप्त नहीं होता, तब तक सनातन बोर्ड के गठन से कोई फायदा नहीं मिल सकता। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के मुताबिक वक्फ बोर्ड समाप्त करने के लिए सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यापक रूपरेखा बनाई जाएगी।
इसके लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। धर्मसंसद में हिस्सा न ले पाने के पीछे उन्होंने स्थान परिवर्तन को भी बड़ा कारण बताया। उनका कहना था कि पहले अखाड़े में ही धर्म संसद प्रस्तावित थी, लेकिन कुछ लोग इसे खींचकर सेक्टर 17 में ले गए। उनका यह भी कहना है कि धर्म संसद के गठन की रूपरेखा पर महाकुंभ की भीड़ और वीआईपी आगमन की वजह से जितना चिंतन-मंथन होना था, नहीं हो सका, इसलिए भी इस आंदोलन का खाका नए सिरे से खींचा जाएगा।