मंगलवार शाम से ही लागू की गईं योजनाएं
पुलिस अफसरों ने बताया कि मंगलवार शाम से ही इन योजनाओं का लागू कर दिया था। श्रद्धालुओं की अचानक संख्या बढ़ने पर जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया। इसमें लखनऊ, कानुपर, भदोही, मिर्जापुर, कौशाम्बी, जौनपुर और प्रतापगढ़ समेत अन्य रूट शामिल थे। इसके अलावा शहर में हर एक किमी पर बैरिकेडिंग रही।प्रयागराज में वाहनों का लोड बढ़ने से वाराणसी से शहर की ओर जाने वाले वाहनों को भदोही के बाबूसराय क्षेत्र में रोक दिया गया था। वहीं, अन्य रूटों का भी यही हाल था।
ऐसे किया गया भीड़ पर काबू
रीवां की ओर से नैनी के तरफ आने वाले श्रद्धालुओं को अरैल की जाने की अनुमति मिली।
वाराणसी रूट से झूंसी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को छतनाग के रास्ते से भेजा गया।
प्रतापगढ़ और लखनऊ की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को छोटा बघाड़ा की ओर से भेजा गया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं को मेडिकल चौराहा, पत्थर गिरजाघर व पानी टंकी से जंक्शन जाने दिया गया।
संगम में स्नान के बाद बाई का बाग, रामबाग, जानसेनगंज होते हुए जंक्शन की ओर भेजा गया।
मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर की सीमाओं पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा भीड़ को काबू करने के लिए विभिन्न जगहों पर सात आपातकालीन योजनाओं को लागू किया गया था। - नीरज पांडेय, डीसीपी यातायात