जगद्गुरु बनाए जाने पर सीएम योगी ने सतुआ बाबा का तिलक लगाकर किया अभिषेक।
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वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के सतुआ बाबा आश्रम के महामंडलेश्वर संतोष दास को जगद्गुरु और 1008 महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई है। विष्णु स्वामी संप्रदाय के 57वें आचार्य का शनिवार को संतों ने पट्टाभिषेक किया। संतों ने कहा कि संतोष दास का जगद्गुरू से सम्मानित होना विष्णु स्वामी संप्रदाय के सिद्धांतों और परंपराओं को मजबूती प्रदान करेगा। यह उपाधि इस संप्रदाय की धार्मिक यात्रा को एक नई दिशा में आगे बढ़ाएगा।
शनिवार को हुए पट्टाभिषेक के अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य, महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, योगगुरू स्वामी रामदेव, आचार्य धीरेंंद्र कृष्ण शास्त्री ने आशीर्वचन दिया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सतुआ बाबा की भारतीय धर्म, संस्कृति और समाज के प्रति निष्ठा अद्भुत है। यह सतुआ बाबा के समर्पण और तप का परिणाम है।
उन्हें इस सम्मान के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। हम आशा करते हैं कि उनका मार्गदर्शन और प्रेरणा समाज के लिए फलदायक साबित होगा। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पद है, जो केवल एक धार्मिक पदवी नहीं, बल्कि समाज के समग्र कल्याण के लिए जिम्मेदारी का प्रतीक है। जगद्गुरू की यह उपाधि उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है, जो उन्हें और भी अधिक कार्यशील और समर्पित बनने की प्रेरणा प्रदान करेगी।