ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर में राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया। संयोग था कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। घंटों मशक्कत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालकर वहां से हटाया गया। वहीं, पुलिया धंसने से यातायात ठप हो गया। देर रात तक इस पुलिया से आवागमन शुरू नहीं हो सका था।
लोक निर्माण विभाग के जेई-ठेकेदारों ने मौके पर पहुंचकर नए सिरे से मरम्मत कार्य आरंभ करा दिया है। इससे पहले शनिवार को ओल्ड जीटी पांटून पुल के दो पीपे धंस गए थे। इस पांटून पुल के साल स्लीपर भी कई जगह दबकर टूट गए हैं और गड्ढे नजर आने लगे हैं। कहा जा रहा है कि कमोवेश सभी पांटून पुलों में घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। 13 जनवरी को महाकुंभ का प्रथम पौष पूर्णिमा का स्नान है। समय रहते अगर इस ओर आला अफसरों ने संजीदगी नहीं दिखाई तो दिक्कतें बढ़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।