फ्रांस , इटली और नेपाल से आई महिलाओं का भी हुआ नागा दीक्षा संस्कार
सनातन धर्म का ध्वज देश के बाहर भी कई देशों में अब अपनी पताका फहराने लगा है। महाकुंभ में महिला नागा संन्यासिनियों की दीक्षा में विदेशी महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और अब वह भी संन्यासिनी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की सदस्य बन गई हैं। संन्यासिनी अखाड़े की संत दिव्या गिरी बताती हैं कि इस बार जिन महिलाओं ने नागा का दीक्षा संस्कार लिया है उसमें तीन विदेशी महिला भी हैं। इटली से आई बांकिया मरियम ने नागा दीक्षा ली है। उन्हें नया नाम शिवानी भारती दिया गया है। इसी तरह फ्रांस की बेकवेन मैरी अब दीक्षा लेकर कामख्या गिरी बन गई हैं। नेपाल की महिला संत मोक्षिता राय ने भी जूना के महिला अखाड़े में नागा दीक्षा ली है। उनका अब अखाड़े से दिया गया नाम मोक्षिता गिरि हो गया है।