ठीक पहले गंगा के निर्मलीकरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महाकुंभ के सेक्टर 22 (झूंसी) में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों के शिविर लगेंगे। बावजूद छतनाग, ज्ञानगंगा और नागेश्वर गंगा घाट पर बगैर एसटीपी के बगैर शोधन के हजारों घरों का झागयुक्त गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जा रहा है। ऐसे में प्रदूषण के कारण छतनाग गंगा घाट पर पानी आचमन लायक भी नहीं बचा। इस संबंध मेंं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल से लगातार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन कभी रिसीव नहीं हुआ।
इन्सेट-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ का नहीं उठता है फोन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ.सुरेशचंद्र शुक्ल का फोन कभी नहीं उठता है। उनके इस रवैये को लेकर अधीनस्थ भी परेशान हैं। दफ्तर में ऐसा माहौल बना है कि उनकी मर्जी के बगैर कोई भी अधीनस्थ कुछ बता नहीं सकता। महाकुंभ शुरु होने में कुछ माह ही बचे हैं। गंगाजल की स्वच्छता को लेकर उनकी बेफिक्री और फोन न उठाने की वजह से परेशानी हो रही है।