टेंट सिटी के मुख्य द्वार पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और श्री मूंछ वाले हनुमान मंदिर आश्रम, चौकाघाट, वाराणसी का नाम दर्ज है। गेट पर दाहिनी ओर जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी मुक्तेश्वरी गिरि और बायीं ओर अखाड़े के सभापति महंत प्रेम गिरि व श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी अविमुक्तानंद गिरि की परिचय के साथ तस्वीरें लगी हैं।
टेंट सिटी की वेबसाइट पर भी इन संतों के साथ देसी-विदेशी श्रद्धालुओं के सत्संग और स्नान आदि की तस्वीरें हैं। बृहस्पतिवार को यहां 15 कॉटेज जल जाने की घटना के बाद झूंसी पुलिस ने बताया कि यह टेंट सिटी अवैध है। इसे बसाने की किसी ने अनुमति नहीं दी।
मेले से छह किमी दूर है टेंट सिटीः सेक्टर मजिस्ट्रेट
छतनाग गांव मेला का ही हिस्सा है। लेकिन, मेला के सेक्टर-22 के मजिस्ट्रेट पीनाक मणि द्विवेदी का दावा है कि अवैध रूप से बनाई गई टेंट सिटी का मेला प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। यह सेक्टर-22 से छह किलोमीटर दूर है। इसका प्रशासन फूलपुर तहसील के पास है। फूलपुर एसडीएम दिग्विजय सिंह कहते हैं कि टेंट सिटी का दायित्व तो मेला प्रशासन का है। यह कैसे बस गई, जांच का विषय है। अभी तक जांच क्यों नहीं शुरू कराई, इस सवाल पर वह चुप हो गए। वहीं, एसओ झूंसी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध टेंट सिटी को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है।