सार
द्वारकापीठ के शिविर प्रभारी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि उत्तम मुहूर्त में पूजा कर बसावट का काम आरंभ कर दिया गया है। द्वारकापीठ के शिविर में पूरे पर्व के दौरान अनेक धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन होंगे । द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के दर्शन का लाभ मिलेगा।
शंकराचार्य द्वारका-शारदा पीठ के लिए महाकुंभ में किया गया भूमि पूजन।
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गंगोली शिवाला मार्ग पर शुक्रवार को द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वमी सदानंद और ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविरों का विधि मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया। गंगाप्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में 21 ब्राह्मणों ने मोरी मार्ग के दक्षिण पट्टी में ज्योतिष्पीठ और द्वारकापीठ के शिविरों का पूजन किया।
द्वारकापीठ के शिविर प्रभारी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि उत्तम मुहूर्त में पूजा कर बसावट का काम आरंभ कर दिया गया है। द्वारकापीठ के शिविर में पूरे पर्व के दौरान अनेक धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन होंगे । द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के दर्शन का लाभ मिलेगा । इसी तरह ज्योतिष्पीठ शिविर के कुंभ मेला प्रभारी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि सौ करोड से अधिक सनातन धर्मियों के लिए यह सबसे बड़ा महापर्व है। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में पूरे मास धार्मिक विषयों पर निर्णय के लिए परमधर्म संसद होगी।
भूमिपूजन के मौके पर स्वामी विद्याचैतन्य , स्वामी विचित्रानंद , अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी , मेला प्रबंधक विवेक शुक्ल , लवकुश महाराज, देवेंद्र त्रिपाठी पीलीकोठी, अवधेश त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी, रईस चंद्र शुक्ला, रवि उपाध्याय, आलोक पांडेय, रघुनाथ द्विवेदी, रामचंद्र शुक्ल, विद्याकांत पांडेय, संजय मिश्र, रामसजीवन शुक्ल, पशुपतिनाथ पंडा, नीरज शुक्ला एडवोकेट चंदन तिवारी, योगेश शुक्ल, दीपेंद्र नायक, आर्य शेखर , विकास दुबे, राजेश मिश्रा, उदित त्रिपाठी, सोमजी शास्त्री उपस्थित रहे।