कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने शनिवार को कहा कि 27 जनवरी को महाकुंभनगर में प्रस्तावित धर्मसंसद में सनातन बोर्ड गठन का प्रस्ताव लाया जाएगा। धर्मसंसद में शंकराचार्य और सतं महात्माओं की सहमति ली जाएगी। देवकी नंदन ठाकुर ने यह बातें शनिवार को एक गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
कथावाचक देवकी नंदन ने कहा जब वक्फ बोर्ड बनाया जा सकता है तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं। सनातन को छोड़कर अन्य धर्मों का बोर्ड या संस्था है। उन्होंने कहा कि मानवता का कल्याण करने वाले सनातन धर्म को आजादी के पहले नष्ट किया गया। आजादी के बाद भी सनातन को मिटाने का प्रयास हो रहा है। सनातनी लगातार बर्दाश्त कर रहा है, इसलिए वक्फ बोर्ड आज महाकुंभ की भूमि पर भी दावा करने लगा है।
यही हाल रहा तो वह लोग कल कहेंगे कि देश भी उनका है। सनातन की धर्म पद्धति को आज भी नष्ट किया जा रहा है। बहुसंख्यक होकर भी काशी विश्वनाथ और संभल में हमें अपना हम मांगना पड़ रहा है। देवकी नंदन ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में दिल्ली में आयोजित धर्म संसद में सनातन बोर्ड की मांग की गई थी। महाकुंभ से सनातन बोर्ड का अमृत लेकर जाना चाहते हैं। कहा कि धर्म संसद के लिए सभी 13 अखाड़ों को आमंत्रित किया गया है। सभी शंकराचार्यों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण भेजा जाएगा।