इसी के साथ सीएम के आगमन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पता चला है कि मुख्यमंत्री तीनों अखाड़ों में 45 मिनट तक रहेंगे। सीएम सुबह 11 बजे सबसे पहले निर्वाणी अनि अखाड़े में पहुंचेंगे। वहां निर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत मुरली दास की मौजूदगी में सीएम ध्वजारोहण करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच दिन के भीतर ही 28 दिसंबर को फिर आएंगे। इस बार वह वैष्णव परंपरा के तीनों अनियों के अखाड़ों में ध्वजारोहण के लिए आ रहे हैं। सीएम निर्वाणी अनि, निर्मोही अनि और दिगंबर अनि अखाड़ों में ध्वजारोहण के बाद प्रतिनिधियों से मिलेंगे।
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इस दौरान मेले की बसावट और भूमि और सुविधाओं का भी मुद्दा उठने के आसार हैं। शनिवार को सीएम का महाकुंभ क्षेत्र में आना लगभग तय हो गया है। निर्मोही अनि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास ने बताया कि मुख्यमंत्री ने तीनों अनि अखाड़ों के महंतों का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
इसी के साथ सीएम के आगमन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पता चला है कि मुख्यमंत्री तीनों अखाड़ों में 45 मिनट तक रहेंगे। सीएम सुबह 11 बजे सबसे पहले निर्वाणी अनि अखाड़े में पहुंचेंगे। वहां निर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत मुरली दास की मौजूदगी में सीएम ध्वजारोहण करेंगे।
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इसके बाद वह निर्मोही अनि अखाड़े और दिगंबर अनि अखाड़े में जाएंगे। श्रीमहंत राजेंद्र दास ने बताया कि सीएम योगी के आगमन को लेकर अखाड़ों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तीनों अखाड़ों की छावनियों को सजाने का काम शुरू कर दिया गया है।
सीएम के आगमन को लेकर अखाडों के साधु-संतों में उत्साह देखा जा रहा है। संत सीएम के सामने सनातन बोर्ड का भी मुद्दा उठा सकते हैं। निर्वाणी अनि अखाड़े के सचिव श्रीमहंत मुरली दास ने बताया कि मेला प्रशासन के साथ तैयारियों पर चर्चा हो चुकी है।
इससे पहले वर्ष 2019 के कुंभ में भी सीएम योगी ने वैष्णव परंपरा के इन तीनों अखाड़ों में ध्वजारोहण किया था। साधु-संतों का कहना है कि अनि अखाड़ों में ध्वजारोहण के दौरान सीएम योगी के सामने सुस्त बसावट के साथ ही भूमि, सुविधाओं के आवंटन में हो रही गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया जा सकता है।