मुख्यमंत्रीजी! बहुत दूर से पैदल आ रहे हैं
संगम नोज पर हुए हादसे वाले स्थान के निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्नानार्थियों से भी वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्नानार्थियों से व्यवस्था की बाबत जानकारी ली। वार्ता के दौरान मौनी अमावस्या पर हुए हादसे को लेकर मुख्यमंत्री काफी भावुक भी रहे। मुख्यमंत्री संगम पहुंचे तो बेरिकेडिंग के चारों तरफ बड़ी संख्या में स्नानार्थी मौजूद रहे। लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में लगातार नारेबाजी भी कर रहे थे। बेरिकेडिंग के भीतर से मुख्यमंत्री ने स्नानार्थियों से व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान लोगों ने ज्यादा दूर पैदल चलने तथा जगह-जगह बेरिकेडिंग किए जाने का मुद्दा उठाया। छपरा के अंशुमन, मध्यम प्रदेश के रविंद्र नायक आदि का कहना था कि नैनी से ही पैदल आ रहे हैं। रितेश मौर्या, गाजीपुर रोहित भर आदि ने व्यवस्था पर संतोष जताया। गाजीपुर के लिए दिलीप यादव, रघुराज आदि का कहना था कि उन्होंने नजदीक जाकर अपनी बात रखने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। उनकी भी यही शिकायत रही कि काफी पैदल चलाया जा रहा है।
वसंत पंचमी न होने पाए किसी तरह की चूक, रहे पूरी तैयारी
शनिवार को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर हुए हादसे को लेकर काफी संवेदनशील दिखे। घटना स्थल का जायजा लेने के साथ स्वरूप रानी अस्पताल में जाकर घायलों का हालचाल भी जाना। उन्होंने मेले का हवाई सर्वक्षण भी किया। इसी क्रम में उन्होंने उन्होंने बैठक कर वसंत पंचमी स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि किसी तरह की चूक नहीं हाोनी चाहिए।
मुख्यमंत्री अरैल में उतरने से पहले ही हेलीकॉप्टर से मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज को जोड़ने वाले हर मार्ग पर स्नानार्थियों का रेला उमड़ा था। ऐसे में हवाई सर्वे के दौरान मुख्यमंत्री का मेला क्षेत्र और संगम के अलावा इन मार्गों पर भी विशेष जोर रहा। इस दौरान उन्होंने अफसरों से वसंत पंचमी स्नान पर्व को लेकर होने वाली तैयारियों का भी जायजा लिया। साथ ही निर्देश देते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईवे तथा शहर के मार्गों पर कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने पार्किंग स्थलों के अलावा प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए किए जाने वाले इंतजाम के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने लगातार बसें चलाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ताकि, मौनी पर लगा दाग हो सके धूमिल
मुख्यमंत्री आईसीसीसी में बैठक कर वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मौनी अमावस्या पर हुए हादसे की छाया भी दिखी। मुख्यमंत्री तथा अन्य अफसरों का पूरा फोकस इस पर रहा कि वसंत पर स्नानार्थी ऐसा सुखद अनुभव लेकर जा सकें कि मौनी पर लगा दाग कुछ धूमिल हो सके।
बैठक में मौनी पर हुए हादसे के कारणों तथा उससे सबक लेते हुए किए गए इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई। मेलाधिकारी तथा अन्य अफसरों ने यातायात, डायवर्जन, होल्डिंग एरिया, जोनल प्लान, वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अखाड़ों के अमृत स्नान की तैयारियों के बारे मे भी जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश था वसंत पंचमी अमृत स्नान पर किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।