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Mahakumbh: संगम तट पर उमड़ा आस्था का रेला, संतों-संन्यासियों व श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, तस्वीरें

Mon, 03 Feb 2025 10:17 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान वसंत पंचमी पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। रात्रि 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगानी शुरू कर दी। भोर में चार बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गया।
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संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान वसंत पंचमी पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। रात्रि 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगानी शुरू कर दी। भोर में चार बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गया। हर हर महादेव और हर हर गंगे के उद्घोष के साथ भक्तों ने पुण्य की डुबकी लगाई और मनवांछित फल की कामना की। सुबह पौने सात बजे से हेलीकॉप्टर से पुष्पर्षा शुरू हो गई। जूना अखाड़े के अमृत स्नान के दौरान अमृत वर्षा शुरू हुई। इसके बाद हर आधे और एक घंटे पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाते रहे। 

महाकुंभ में वसंत पंचमी के अमृत स्नान का विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार वसंत पंचमी के दिन कला, संस्कृति, विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर मां सरस्वती का पूजन कर अमृत स्नान करने की परंपरा है। आज सुबह से ही अखाड़ों ने परंपरा के अनुसार दिव्य शोभा यात्रा के साथ अमृत स्नान किया। इसके साथ ही करोंड़ों की संख्य़ा में श्रद्धालुओं के साथ कल्पवासियों ने भी पवित्र त्रिवेणी स्नान किया। कल्पवासियों ने विधि पूर्वक व्रत का पालन करते हुए सुबह से ही संगम में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देते हुए सरस्वती पूजन भी किया। 
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वसंत पंचमी अमृत स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। - फोटो : अमर उजाला।
10 लाख से अधिक कल्पवासियों ने किया बसंत पंचमी का स्नान 

महाकुंभ 2025 में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में संगम तट पर कल्पवास कर रहे हैं। जो प्रतिदिन पूरे माघ मास तीनों काल नियमपूर्वक गंगा में स्नान और व्रत का पालन करते हैं। महाकुंभ में वसंत पंचमी के स्नान विशिष्ट महत्व है। कल्पवासियों ने नियम पूर्वक मौन व्रत रख कर ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। महाकुंभ के विशाल मेला क्षेत्र के अलग-अलग सेक्टरों में बसे कल्पवासी प्रातःकाल में ही पैदल चल कर संगम तट पर आते जा रहे थे। उन्होंने करोंड़ों श्रद्धालुओं और संन्यासियों के अखाड़ों के साथ अमृत स्नान किया।
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वसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से बरसाए गए फूल। - फोटो : अमर उजाला।
संगम स्नान कर कल्पवासियों ने किया सरस्वती पूजन 

पौराणिक मान्यता है वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। वर्तमान काल में तीर्थराज प्रयागराज में ही मां सरस्वती का वास है। जो अंतः सलिला रूप में गंगा, यमुना के संगम में मिल कर पवित्र त्रिवेणी बनाती हैं। वसंत पंचमी के दिन प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान का विशेष महत्व है। आज के दिन कल्पवासियों विधि पूर्वक संगम स्नान कर सरस्वती पूजन किया। संगम स्नान के बाद मां सरस्वती को श्वेत वस्त्र और श्वेत पुष्प अर्पित कर उनकी स्तुति की। श्रद्धालु और कथा वाचक अपने शास्त्रों और ग्रंथों का भी पूजन करते हैं। इसके बाद दही और चूड़ा के दान दे कर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही साहित्य, कला, संगीत और शिक्षा जगत से जुड़े हुए लोंग ने भी शहर भर में जगह-जगह मां सरस्वती का पूजन किया।

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साधु संतों ने प्रदर्शन करते हुए संगम में स्नान किया। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 
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त्रिशूल लेकर संगम स्नान के लिए पहुंचे साधु-संन्यासी। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 
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त्रिशूल लेकर संगम नोज पर प्रदर्शन करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 
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अमृत स्नान के लिए त्रिशूल लेकर पहुंचे संत। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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महाकुंभ पर संगम पर अमृत स्नान के लिए विभिन्न रूपों में पहुंचे साधु-संत। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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अमृत स्नान के दौरान साधु-संन्यासियों पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर स्नान के बाद शंखनाद करती महिला साध्वी। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करने पहुंचे विदेशी संत और श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करने पहुंचे साधु और नागा संन्यासी। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान करते साधु संत और महिला साध्वी। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान के बाद जयकारा लगाते जूना अखाड़े के संत। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 

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वसंत पंचमी पर संतों ने लगाई पुण्य की डुबकी। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 
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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान के लिए जाते संत। - फोटो : अमर उजाला।
साधु संतों ने संगम में स्नान किया। 
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