Prayagraj Magh Mela News : माघ मेले में एक तरफ जहां साधु-संत पहुंचकर साधना कर रहे हैं वहीं पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी मन की शांति के लिए धुनी जमाए हुए हैं। मारव सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर आशीष कुमार सिंह (33) मेले में कल्पवास कर रहे हैं।
तेज रफ्तार और सुविधाओं से भरी सॉफ्टवेयर की दुनिया से कुछ दिन दूर रहकर मानसिक शांति की तलाश में मारव सॉफ्टवेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर आशीष कुमार सिंह (33) माघ मेले में तीन दिवसीय कल्पवास कर रहे हैं। काम से छुट्टी लेकर वे संगम तट पर सादा जीवन और साधना में समय बिता रहे हैं।
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मिर्जापुर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशीष बताते हैं कि सॉफ्टवेयर की दुनिया से दूर कुछ दिन सुकून के जीना चाहते थे इसलिए कल्पवास जैसी साधना का विचार आया। सादा जीवन, साधारण वस्त्र और सात्विक भोजन हमें बाहरी दुनिया के मोह से दूर रखते हैं।
नियम-संयम और साधना के साथ तीर्थ क्षेत्र में रहना हमें सिखाता है कि कैसे कम सुविधाओं में भी मन को शांति मिल सकती है। सुविधाओं से भरा जीवन जीने के बाद कल्पवास कठिन तप जैसा प्रतीत हो सकता है, लेकिन वास्तव में यह एक अनुशासित और संतुलित जीवनशैली है। भागदौड़ और लगातार यात्राओं से भरे जीवन में सब कुछ होते हुए भी भीतर एक खालीपन बना रहता था। सॉफ्टवेयर की दुनिया में कई वर्ष बिताने के बाद यह समझ आया कि पैसा सुविधाएं तो दे सकता है, लेकिन मन की शांति नहीं। यही शांति कल्पवास में अनुभव हो रही है।