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Magh Mela : बसों के लिए भटके मुसाफिर, विंध्याचल, चित्रकूट रूट पर रहा संकट

Sun, 04 Jan 2026 06:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पौष पूर्णिमा पर लखनऊ, अयोध्या, विंध्याचल और चित्रकूट की बसों को शहर के बाहर रोकने की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। बेला कछार और लेप्रोसी पर ही बसों को रोकने से श्रद्धालुओं को कई किमी पैदल चलना पड़ा।
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विद्या वाहिनी रोडवेज पर खड़ीं बसें। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पौष पूर्णिमा पर लखनऊ, अयोध्या, विंध्याचल और चित्रकूट की बसों को शहर के बाहर रोकने की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। बेला कछार और लेप्रोसी पर ही बसों को रोकने से श्रद्धालुओं को कई किमी पैदल चलना पड़ा। खास बात यह रही कि रोडवेज ने शटल बसों के संचालन का भी दावा किया था लेकिन यात्री इसे ढूंढते नजर आए। रोडवेज की लखनऊ, अयोध्या रूट की अधिकांश बसें शुक्रवार रात से ही फाफामऊ के बेला कछार में रोक ली गईं। ऐसे में अधिकांश यात्री रात में पैदल ही गंतव्य रवाना हुए। यही स्थिति विंध्याचल, चित्रकूट रूट से आने वाली बसों की भी रही। नैनी लेप्रोसी चौराहे से आगे बसें नहीं बढ़ सकीं।

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यहां से भी यात्री पैदल संगम एवं अन्य गंतव्य रवाना हुए। वहीं, शहर में बसें न मिलने से यात्री भटकने रहे। चित्रकूट से आए सुबोध सिंह ने बताया कि यहां भीड़ नहीं है। ऐसे में बसों को क्यों रोका गया, समझ से परे है। रायबरेली से प्रयागराज पहुंचे दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि रात 11 बजे पुलिस ने बस फाफामऊ के आगे नहीं बढ़ने दी। वहां से फाफामऊ पुल तक पैदल आना पड़ा। वहां से ई-रिक्शा मिला। उसने बैरहना में छोड़ा और वहां से एक बार फिर संगम के लिए पैदल ही चलना पड़ा।

उधर, बसों को रोकने के बाद यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अफसरों से बात की। इसके बाद देर रात बसों का संचालन शुरू हुआ लेकिन सुबह होते ही बसें एक बार फिर से रोक दी गईं। जीरो रोड स्टेशन पर बसों को आने ही नहीं दिया गया। ऐसे में यात्रियों को लेप्रोसी से पैदल ही सफर तय करना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद विद्या वाहिनी मैदान में लखनऊ, अयोध्या रूट की कुछ बसों के आने के बाद यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर मिली। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि झूंसी, लेप्रोसी, विद्या वाहिनी एवं बेला कछार से शाम छह बजे तक 600 से ज्यादा बसों की आवाजाही हो चुकी थी।

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