कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए माघ मेले में संतों, भक्तों और कल्पवासियों के हर शिविरों में हेल्थ रजिस्टर अनिवार्य कर दिया गया है। इस हेल्थ रजिस्टर में हर कल्पवासी और उसके साथ आए लोगों के विवरण के साथ आधार कार्ड नंबर भी दर्ज करना होगा। साथ ही कोरोना की दोनों डोज लगने की वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी शिविरों में रखना अनिवार्य होगा। यह जानकारी शुक्रवार को मंडलायुक्त संजय गोयल ने माघ मेले की विभागवार प्रगति की समीक्षा के दौरान दी। उन्होंने पीडब्ल्ूडी के अलावा जल निगम और बिजली विभाग के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए।
मेला प्राधिकरण कार्यालय के आई ट्रिपलसी सभागार में समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने कोविड प्रोटोकॉल की गाइड लाइन के आधार पर एक डेडीकेटेड टीम का गठन करने के भी निर्देश दिए। इस टीम में शामिल अफसर सिर्फ मेले के लिए काम करेंगे। उन्हें जिले के मूल विभागों के कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। बेहतर समन्वय के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मंडलायुक्त ने वैक्सीनेशन के साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मेले में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और मजदूरों को वैक्सीन की डबल डोज लेने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि जिन्होंने अभी तक दूसरी डोज नहीं ली है, उनकी विभागवार सूची तैयार की जाए। इस बार श्रद्धालुओं और संतों की सुविधा के लिए मेले के दौरान दो हेल्पलाइन चलाने के भी सुझाव दिए गए। इस हेल्पलाइन पर संत और भक्त अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए फोन पर मदद ले सकते हैं।
इससे पहले ऐसी सुविधा सिर्फ कुंभ मेले के दौरान दी गई थी। इसके अतिरिक्त आगामी वर्षों में माघ मेले के अनुभवों के आधार पर संस्थाओं, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों की मेले से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मेला एप बनाने का भी सुझाव दिया गया। इस एप में माघ मेला एवं कुंभ से संबंधित सभी जानकारी के साथ वर्षवार मेला क्षेत्र का नक्शा भी उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि, सेक्टरवाइज हर संस्था की बसावट की भी जानकारी मिल सके।