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लोटा-बाल्टी से किया पुण्य का स्नान

Tue, 03 Feb 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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पौष पूर्णिमा स्नानपर्व के साथ जब माघ मेले की औपचारिक शुुरुआत हुई, उस दिन घाटों सहित बीच संगम पर जल इतना कम था कि श्रद्धालुओं को लोटा-बाल्टी लेकर स्नान कर पड़ा। मंगलवार को माघी पूर्णिमा पर भी श्रद्धालु संगम पर लोटा-बाल्टी लेकर ही पुण्य का स्नान करते नजर आए, लेकिन इस बार हालात विपरीत थे। तेज बहाव और गहराई अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बीच संगम में डुबकी लगाने के बजाय लोटा-बाल्टी लेकर स्नान करने के विकल्प को बेहतर माना। माघी पूर्णिमा स्नान पर्व बीतने के साथ ही प्रशासन के अफसरों ने राहत की सांस ली। अफसरों का दावा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ अनुमान से अधिक थी, लेकिन कहीं कोई घटना नहीं हुई। सबकुछ शांतिपूर्वक बीत गया।
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माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व के लिए प्रशासन ने 11 घाट तैयार करवाए थे।

 तेज बहाव के कारण सोमवार को एक घाट पूरी तरह से डूब गया, जबकि अन्य घाटों को भी नुकसान हुआ। घाटों पर गहराई अचानक बढ़ जाने से बैरिकेडिंग को भी शिफ्ट करना पड़ गया। घाटों पर जल पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाव पर सवार होकर बीच संगम स्नान करने पहुंचे, लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण वहां बहाव काफी तेज था। सुरक्षा के मद्दनजर तीर्थ पुरोहितों ने श्रद्धालुओं को डुबकी न लगाने की सलाह दी, सो तमाम श्रद्धालुओं ने संगम पर लगे तख्तों पर लोटा-बाल्टी लेकर स्नान किया।

मंगलवार को धूप भी तेज थी, सो दिन के वक्त मेले में भीड़ तेजी से बढ़ी। घाटों पर गहराई अधिक होने के कारण सुरक्षा कर्मियों को स्नानार्थियों की भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच कमिश्नर बीके सिंह, डीएम भवनाथ सिंह, एडीएम सिटी एसके शर्मा, प्रभारी अधिकारी माघ मेला अरुण कुमार एवं पुलिस के तमाम अफसर घाटों का निरीक्षण कर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। प्रशासन का दावा था कि माघी पूर्णिमा पर 35 लाख श्रद्धालु आएंगे। एडीएम सिटी के मुताबिक भीड़ अनुमान से अधिक पहुंची। उनका दावा है कि तकरीबन 40 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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