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संतों ने गौ, गंगा रक्षा के लिए भरी हुंकार

Mon, 16 Jan 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि गौ और गंगा से ही सनातन धर्म की पहचान है। इसकी रक्षा के लिए एकजुट होकर प्रयास करना होगा। अर्द्धकुंभ से पहले केंद्र सरकार ने गौ हत्या बंद करने और गंगा रक्षा के लिए कानून नहीं बनाया तो प्रयाग अर्द्धकुंभ-2019 का बहिष्कार किया जाएगा।  
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माघ मेला क्षेत्र में अक्षयवट मार्ग स्थित गंगा सेना के शिविर में आयोजित गौ, गंगा रक्षा सम्मेलन में बतौर अध्यक्ष उन्होंने कहा, अरसे से संतों की मांग रही है कि देश की पहचान मोक्षदायिनी गंगा को अविरल निर्मल स्वरूप प्रदान किया जाए। साथ ही देश भर में गौ हत्याएं बंद हो। संतों का सपना तभी साकार हो सकता है जब केंद्र सरकार इसके लिए कठोर कानून बनाए।
बतौर मुख्य अतिथि गौरिषि शरणादत्त ने गौ रक्षा और गौ दुग्ध सेवन का संकल्प कराया। कहा, हमें गौ रक्षा के लिए गौ दुग्ध, घी का सेवन करना चाहिए।

गौ पालन का आह्वान करते हुए स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा, संगम की रेती पर ही 1968 में गौ रक्षा सम्मेलन की रूपरेखा बनी थी। संचालन योगगुरु स्वामी आनंद गिरि ने किया। अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव, गोपाल जी, सतुआबाबा संतोषदास, राघवाचार्य, भूषण दास, बल्लभाचार्य, कृष्णाचार्य, श्रीधराचार्य, रामरतन आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्सा में श्रद्धालुओं ने मौजूदगी दर्ज कराई।
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