वर्ष 2019 में लगने वाले अर्द्धकुंभ मेले के मद्देनजर जंक्शन पर यात्रियों के प्रवेश के लिए रेलवे की ओर से इस बार खास व्यवस्था की जा रही है। मेले के दौरान प्रवेश के लिए कई गेट बनाए जाएंगे। हर एक गेट का रंग अलग करने की भी तैयारी है। इस दौरान सभी गेट पर ट्रेनों के रूटवार बोर्ड भी लगाए जाएंगे। अगर किसी यात्री को कानपुर-दिल्ली रूट की ट्रेनों में सफर करना है तो वह सीधे उस गेट से प्रवेश करें, जहां संबंधित रूट का बोर्ड लगा है।
अर्द्ध कुंभ मेले के मद्देनजर रेल महकमे को अक्तूबर 2018 तक सभी तैयारियां पूरी कर लेनी हैं। इसके लिए रेलवे द्वारा तमाम कार्य शुरू कराए जा चुके हैं, जबकि कुछ कार्य आने वाले दिनों में कराए जाएंगे। मेले के दौरान आने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना रेलवे के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। वर्ष 2013 में मौनी अमावस्या के दिन जंक्शन पर मची भगदड़ जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे इस बार व्यापक इंतजाम करने जा रहा है। मेला अवधि के दौरान जंक्शन पर यात्रियों का रूटवार प्रवेश कराने की योजना है। इस पर अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि सिटी साइड पर जंक्शन पर प्रवेश के लिए कई गेट बनाए जाएंगे। हर एक गेट पर रूट वार स्टेशनों का नाम लिखा होगा। यानी अगर किसी यात्री को झांसी, बांदा रूट की तरफ जाना है तो वह गेट नंबर एक से जाए। इसी तरह वाराणसी, गोरखपुर रूट के यात्री गेट नंबर दो से प्रवेश करें। सूत्रों के मुताबिक रूट वाइज गेट बनाने पर अभी वरिष्ठ अफसरों की सहमति ली जानी बाकी है। हर एक गेट पर कलर कोडिंग भी की जाएगी। ताकि ऐसे यात्री जो पढ़े लिखे नहीं है उन्हें गेट का रंग बताकर उनकी राह आसान की जाए।