डीआईजी जेल के निरीक्षण में बैरक से बरामद हुई थी नकदी
17 जून 2025 को अली की बैरक से कैश बरामद हुए थे। जेल प्रशासन के अनुसार उसके पास से 1100 रुपये नकद मिले थे। डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने उसकी बैरक में छापेमारी कर पैसा बरामद किया था। मामले में एक डिप्टी जिला और एक हेड वार्डन को निलंबित करते हुए उसके सेल की सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी गई। इसी के बाद से उसे नैनी जेल से हटाने की कवायत चल रही थी।
उत्तर प्रदेश के डीजी जेल (महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं) पीसी मीणा ने जुलाई 2025 में कार्यभार संभाला था। कार्यभार संभालने के बाद वह नैनी केंद्रीय कारागार व जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अली के बैरेक को भी देखा था और उससे बातचीत की थी। बातचीत के दौरान अली ने डीजी जेल से खुद को हाई सिक्योरिटी सेल से हटकर अन्य बंदियों के साथ रखने की मांग की थी।