बताया जा रहा है कि बसपा दलित-मुस्लिम के फैक्टर पर चुनाव लड़ने की योजना तैयार कर रही है। विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बसपा नए तरीके से अपना वोटबैंक बनाना चाह रही है। अतीक की पत्नी को पार्टी में शामिल कर बसपा मुस्लिम वर्ग को अपने साथ जोड़ने की तैयारी कर रही है। अतीक अहमद के परिवार ने विधानसभा चुनाव से पहले ही लखनऊ में एआईएमआईएम की सदस्यता ली थी।
चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि शाइस्ता परवीन लखनऊ में ही बसपा की सदस्यता लेंगी और जिस दिन पार्टी में शामिल होंगी उसी दिन उन्हें महापौर का टिकट भी दे दिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर जब शाइस्ता परवीन से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। वहीं बसपा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल भवरा ने कहा कि ऐसा कुछ हमारी जानकारी में नहीं है। चर्चा कोई भी हो सकती है, चर्चा को चर्चा तक ही रखा जाए। पार्टी का जो भी फैसला होगा वह जल्द ही सामने होगा। फिलहाल हम नगर निगम के चुनाव के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता कर रहे हैं।