एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजन को इस साल जुलाई 2019 में दो साल पूरे हो जाएंगे लेकिन, अब तक किसी एक अभ्यर्थी को भी नियुक्ति नहीं मिल सकी है। ऐसे में एलटी ग्रेड अभ्यर्थियों की होली इस साल भी फीकी रह जाएगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 15 में से 13 विषयों का रिजल्ट भी जारी कर चुका है। इसके बाद भी अभ्यर्थियों को 10768 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का आयोजन 29 जुलाई 2018 को किया गया था। केवल लिखित परीक्षा के आधार पर ही अंतिम चयन होना है। परीक्षा ओएमआर शीट पर हुई थी, सो रिजल्ट के लिए भी ज्यादा दिनों तक इंतजार भी नहीं करना था लेकिन, परीक्षा के बाद हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आ गया। हालांकि इस दौरान आयोग ने हिंदी और सामाजिक विज्ञान को छोड़कर बाकी सभी 13 विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया। इन विषयों में चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों की सत्यापन प्रक्रिया भी जनवरी में पूरी हो चुकी है।
आयोग इनमें से अब तक तीन विषयों संगीत, कृषि और वाणिज्य विषय में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेज चुका है और बाकी दस विषयों की फाइल आयोग में ही फंसी हुई है। हालांकि 13 विषयों में चयनित किसी भी अभ्यर्थी को अभी नियुक्ति नहीं मिली है। वहीं, पेपर लीक मामले में हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में शिक्षकों के 3287 पदों का रिजल्ट फंसा हुआ है। इनमें हिंदी के 1433 और सामाजिक विज्ञान के 1854 पद शामिल हैं। इन दो विषयों को रिजल्ट आयोग तब तक जारी नहीं करेगा, जब तक एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती। ऐसे में एलटी ग्रेड अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में फंस गया है।
एलटी ग्रेड अभ्यर्थी होली के बाद फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष और एसएसपी वाराणसी से मुलाकात की थी, जिसके बाद यही नतीजा निकलकर सामने आया था कि 15 मार्च तक एसएसपी की ओर से आयोग को लिखित रूप से मामले की जानकारी दी जाएगी। हालांकि मामला एक बार फिर फंस गया है। एसटीएफ ने दो अन्य लोगों को भी फरार घोषित कर दिया है। ऐसे में एसटीएफ दो अन्य फरार लोगों को नहीं पकड़ लेती, तब तक पेपर लीक मामले में स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकेगी। एलटी समर्थक मोर्चा के प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय का कहना है कि होली के बाद आयोग के अध्यक्ष और एसएसपी वाराणसी से अभ्यर्थी फिर मिलेंगे। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी।