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एलटी ग्रेड पेपर लीक, आयोग को हाईकोर्ट से झटका

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एलटी ग्रेड पेपर लीक मामला
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लोक सेवा आयोग को हाईकोर्ट से झटका
याचिका खारिज, एसटीएफ को सौंपने होंगे दस्तावेज
हाईकोर्ट ने कहा आयोग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा
प्रयागराज। एलटी ग्रेड भर्ती में पेपर लीक मामले में हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग की याचिका खारिज कर आयोग को तगड़ा झटका दिया है। अब उसे परीक्षा से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज एसटीएफ को सौंपने होंगे। इन दस्तावेजों को आयोग गोपनीय बता कर एसटीएफ के हवाले करने से बचना चाह रहा था। इसके लिए उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन बेंच में जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अनिल कुमार की पीठ ने इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
बृहस्पतिवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि एसटीएफ की विस्तृत प्राथमिकी देखने से पता चलता है कि आयोग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एलटी ग्रेड पेपर लीक मामले की जांच व्यापक जनहित से जुड़ी है इसलिए आयोग को उसके गोपनीयता रखने वाले विशेष अधिकार के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
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कोर्ट ने कहा कि बात सिर्फ एलटी ग्रेड परीक्षा की नहीं है। आयोग द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं की शुचिता भी सवालों के घेरे में है। प्रिटिंग प्रेस मालिक और आयोग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत में लगातार कुछ ऐसा किया गया है, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता संदिग्ध हुई है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए ताकि आयोग की विश्वसनीयता कायम रखी जा सके।
कोर्ट ने एसटीएफ की कार्यवाही पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। हालांकि, आयोग ने कोर्ट में स्वीकार किया कि वह दस्तावेज दिखा सकते है, मगर गोपनीयता सार्वजनिक न होने पाए। फिलहाल जांच एजेंसी को आयोग के निर्णयों की तह तक जाने का रास्ता मिल गया है।
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मामले के अनुसारएसटीएफ ने परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को पेपर लीक के आरोप में गिरफ्तार किया और जांच के लिए आयोग से कुछ दस्तावेजों की मांग की। एसटीएफ के जांच अधिकारी ने 31 मई 2019 को आयोग को नोटिस जारी कर जांच के लिए अहम कुछ दस्तावेजों की मांग की थी। इस नोटिस की वैधता को आयोग ने यह कहते हुए चुनौती दी कि यह आयोग के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है। एसटीएफ को अधिकारियों का उत्पीड़न करने से रोका जाए। क्योंकि आयोग ने गोपनीय दस्तावेज देने से इंकार कर दिया है।
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