प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित होने के बाद भी 1300 से अधिक अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए तरस गए। परीक्षा का भविष्य भी अब एसटीएफ की जांच पर निर्भर कर रहा है। जांच अगर खिंची तो अभ्यर्थियों को बाकी विषयों के परिणाम और चयनितों को नियुक्ति के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से एलटी ग्रेड शिक्षक के 10768 पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल 29 जुलाई को परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा वाले दिन से ही विवाद शुरू हो गया और एसटीएफ ने इसकी जांच शुरू कर दी। एसटीएफ ने आयोग को रिजल्ट रोकने के लिए तीन पत्र भी लिखे, लेकिन आयोग ने इस साल 16 मार्च को पहला परिणाम जारी कर दिया। पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की गिरफ्तारी से पूर्व आयोग सात विषयों में 1343 पदों का परिणाम घोषित कर चुका था और चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों के सत्यापन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया था, लेकिन परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी के बाद सत्यापन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
जब तक अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो जाता है, तब तक आयोग शासन को उनकी नियुक्ति की संस्तुति नहीं भेज सकता है। पिछले दिनों एलटी ग॑ेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात से भी मुलाकात की थी और बातचीत में अध्यक्ष ने संकेत दिए थे कि एसटीएफ की जांच पूरी होने तक अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा का भविष्य अब संकट में है। चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति कब मिलेगी, इस पर असमंजस। एसटीएफ की जांच पूरी होने तक अभ्यर्थियों को शेष विषयों के परिणाम और चयनितों को नियुक्ति के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।