मुुगलसराय में अपने परिजनों से सोमवार तड़के एक नौ साल की बच्ची बिछड़ गई। एक ट्रेन से वह इलाहाबाद तक पहुंच गई। यहां उस लड़की पर आरपीएफ की नजर पड़ी। पूछताछ में बच्ची आरपीएफ को कुछ भी बताने में असमर्थ रही। बाद में मालूम पड़ा कि वह मुगलसराय से इलाहाबाद पहुंची है। मुगलसराय में जीआरपी और आरपीएफ से संपर्क के बाद उसके परिजनों से संपर्क हो गया। चंद घंटे बाद नौ साल की काजल अपने परिजनों के साथ थी।
बिहार के रोहतास जिला के चिनारी गांव के पप्पू गुप्ता की नौ साल की बेटी काजल किसी काम से अपनी दादी के साथ मुगलसराय आई थी। यहां इन दोनों को बिहार के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इसी बीच किसी कारण से काजल पटना-पुणे एक्सप्रेस में बैठ गई। सुबह 7.40 बजे ट्रेन इलाहाबाद पहुंची तो वह प्लेटफार्म पर उतरकर रोने लगी। इस बीच आरपीएफ की नजर बच्ची पर पड़ गई। बच्ची अपने बारे में तो कुछ नहीं बता सकी लेकिन ट्रेन में बैठे यात्रियों ने बताया कि बच्ची मुगलसराय से ही ट्रेन में बैठी है। बच्ची को चुप कराकर आरपीएफ जवान थाने ले आए। इस दौरान मुगलसराय जीआरपी और आरपीएफ को इसकी सूचना दी गई। मालूम पड़ा कि मुगलसराय में बच्ची के परिजन उसे ढूंढ रहे हैं। आरपीएफ प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि संपर्क करने के बाद बच्ची के पिता पप्पू गुप्ता दोपहर बाद इलाहाबाद पहुंच गए। कागजी कार्रवाई के बाद बच्ची उसके पिता को सौंप दी गई।