मल्टीलेबल पार्किंग का ठेका, सुभाष चौराहे से पत्थर गिरजाघर तक वसूली
शासनादेश के विपरीत एमजी मार्ग पर वाहन चालकों की जेब कर रहे ढीली
प्रयागराज। सिविल लाइंस के एमजी मार्ग पर ठेला, खोमचा लगाना मना है, लेकिन पार्किंग के नाम पर लूट मची है। शासनादेश के विपरीत मल्टीलेबल पार्किंग की दरों पर सुभाष चौराहे से पत्थर गिरजाघर तक मनमानी वसूली की जा रही है। पहले दो घंटे के लिए चार पहिया वाहनों से पचास और दो पहिया वाहनों से बीस रुपये लिए जा रहे हैं। यही नहीं शुल्क देने से मना करने पर ठेकेदार के कर्मचारी झगड़ रहे हैं।
सिविल लाइंस में नगर निगम दोहरा मापदंड अपना रहा है। अदालत की रोक और शासन के निर्देशों के विपरीत एमजी मार्ग पर पार्किंग के नाम पर वसूली कराई जा रही है। जबकि यहां वेंडिंग और पार्किंग प्रतिबंधित है। इस संबंध में मल्टी लेबल पार्किंग का ठेका लेने वाली फर्म ने कई स्थानों पर बोर्ड भी लगाए हैं। वहां की दरों पर सड़क पर वसूली की जा रही है। गोविंदपुर से बेटे के साथ रविवार को मिठाई खरीदने कामधेनु आए नीरज मुंशी के बाइक खड़े करते ही एक युवक ने 30 रुपये की पर्ची पकड़ा दी। मम्मफोर्डगंज के पवन प्रजापति दोस्त के बेटे के लिए किताब खरीदने एमजी मार्ग स्थित एबीसी आए थे। स्कूटी खड़ी कर गए और लौटे तो बिना पर्ची लगाए ही उनसे पचास रुपये मांगे गए। उन्होंने मना किया तो वसूली करने वाले उनसे उलझ गए। बाद में तीस रुपये देकर उन्होंने पीछा छुड़ाया। ऐसे कई लोग हैं, जो मनमानी लूट का शिकार हो रहे हैं। इसी तरह की कई शिकायतें महापौर अभिलाषा गुप्ता के पास भी पहुंची है। महापौर ने नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार से संबंधित पत्रावली तलब की है। निर्देश दिया है कि अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ठेका प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में
मल्टीलेबल पार्किंग की ठेका प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में है। पूर्व कार्यकारिणी उपाध्यक्ष नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार से इसकी शिकायत कर चुके हैं। आरोप है कि चहेती फर्म को ठेका देने के लिए तीन बार टेंडर निरस्त किए गए। फिर सिंगल पार्टी टेंडर को अफसरों की समिति ने अनुमोदित कर दिया।
महापौर ने तलब की पत्रावली
00 सिविल लाइंस में मल्टीलेबल पार्किंग की सुविधा है। शासनादेश है कि जहां पार्किंग है वहां से पांच-पांच सौ मीटर दूर तक सड़क पर छोटी या बड़ी पार्किंग की अनुमति न दी जाए। मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी पर फर्म को काली सूची में डाला जाएगा। --अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर