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Government Jobs : भर्ती में जितनी देर, आयु सीमा में मिले उतनी छूट, दस-दस साल से नहीं आई भर्ती

Thu, 15 Jun 2023 03:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रवक्ता जीआईसी के पदों पर पिछली भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2019 में जारी किया गया था। सांख्यिकी अधिकारी के पदों पर वर्ष 2018 के बाद कोई भर्ती नहीं आई। तकनीकी सहायक के पदों पर वर्ष 2015 के बाद भर्ती नहीं हुई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में एक मात्र पीसीएस के पदों पर भर्ती है, जिसके लिए हर साल आवेदन मांगे जाते है। इसके अलावा कोई भी भर्ती नियमित अंतराल में नहीं हो पा रही। कई पदों पर तो दस-दस साल से भर्ती नहीं निकली। भर्तियों के इंतजार में लाखों अभ्यर्थी ओवरएज हो गए। अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती में जितनी देर हो, उसमें शामिल होने के लिए ओवरएज अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में उतनी ही छूट मिले।

अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती का पिछला विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी किया गया था। ये भर्ती भी अब तक पूरी नहीं हुई और 2013 के बाद एपीएस के पदों के लिए कोई नई भर्ती नहीं आई। एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों पर भर्ती का पिछला विज्ञापन वर्ष 2018 में जारी किया गया था। अभ्यर्थी पांच साल से भर्ती का इंतजार का रहे हैं। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी के पदों पर भर्ती का विज्ञापन भी वर्ष 2018 में जारी हुआ था, जिसके बाद नई भर्ती नहीं आई।

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प्रवक्ता जीआईसी के पदों पर पिछली भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2019 में जारी किया गया था। सांख्यिकी अधिकारी के पदों पर वर्ष 2018 के बाद कोई भर्ती नहीं आई। तकनीकी सहायक के पदों पर वर्ष 2015 के बाद भर्ती नहीं हुई। ग्राम विकास अधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए 2018 में विज्ञापन जारी हुआ था, जिसकी परीक्षा अब तक नहीं कराई जा सकी है। बोरिंग टेक्नीशियन के पदों पर चार साल पहले 2019 में विज्ञापन जारी किया गया था।

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इनके अलावा जूनियर इंजीनियर भर्ती, मंडी परिषद भर्ती, लेखपाल भर्ती, नर्सिंग ऑफिसर भर्ती, एक्स रे सहायक, प्रयोगशाला सहायक भर्ती, वन रक्षक भर्ती, वर दरोगा भर्ती सहित तमाम भर्तियां लंबे समय से नहीं हुईं हैं। ये सभी भर्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएससी) के माध्यम से होती हैं। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ओवरएज होते हैं। ऐसे में नियमित अंतराल में भर्ती न होने से ऐसे अभ्यर्थी भर्ती की दौड़ से बाहर होते जा रहे हैं।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि समिति की ओर से जल्द ही सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया जाएगा और सरकार एवं भर्ती संस्थाओं से मांग की जाएगी कि किसी भी भर्ती में जितनी देर होती है, ओवरएज होने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में उतनी ही छूट मिले। वहीं, प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर मांग की गई है कि पदों की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन भर्तियां हर साल होनी चाहिए।

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