इनके अलावा जूनियर इंजीनियर भर्ती, मंडी परिषद भर्ती, लेखपाल भर्ती, नर्सिंग ऑफिसर भर्ती, एक्स रे सहायक, प्रयोगशाला सहायक भर्ती, वन रक्षक भर्ती, वर दरोगा भर्ती सहित तमाम भर्तियां लंबे समय से नहीं हुईं हैं। ये सभी भर्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएससी) के माध्यम से होती हैं। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ओवरएज होते हैं। ऐसे में नियमित अंतराल में भर्ती न होने से ऐसे अभ्यर्थी भर्ती की दौड़ से बाहर होते जा रहे हैं।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि समिति की ओर से जल्द ही सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया जाएगा और सरकार एवं भर्ती संस्थाओं से मांग की जाएगी कि किसी भी भर्ती में जितनी देर होती है, ओवरएज होने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में उतनी ही छूट मिले। वहीं, प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर मांग की गई है कि पदों की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन भर्तियां हर साल होनी चाहिए।