प्रयागराज। न कोई रोकटोक काम आई ना ही किसी तरह की बंदिशों का जोर चला। लोकनाथ की जग विख्यात कपड़ाफाड़ होली के आगे मंगलवार को कोरोना का खौफ धरा रह गया। सौ से अधिक लोगों के संक्रमित होने और तीन की मौत के बावजूद लोकनाथ चौराहे पर हजारों की तादात में युवा रंगों की बारिश में भीगते और डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। रंगों की मस्ती में इस दौरान फटे कपड़ों से बिजली केतार-खंभे तक लद गए।
होली के दूसरे दिन मंगलवार की सुबह से ही लोकनाथ चौराहे पर कपड़ाफाड़ होली खेलने वालों का तांता लगने लगा। लोकनाथ मिलन संघ की ओर से चौराहे पर कपड़ाफाड़ होली की तैयारियां पौ फटने के साथ ही शुरू हो गई थीं। संघ के अध्यक्ष निखिल पांडेय राधाकृष्ण मंदिर पर भगवान को अबीर-गुलाल चढ़ाने के साथ ही पूरी टोली के साथ चौराहे पर होली की ब्यवस्था में जुट गए। दोपहर करीब 12 बजे लोकनाथ चौराहे पर कपड़ाफाड़ होली की शुरुआत हुई। चौक-बहादुरगंज मार्ग से लेकर लोकनाथ की गली होली खेलने वालों से सुबह ही खचाखच पट गई। दशकों पुरानी कपड़ाफाड़ होली की परंपरा को टेसू के फूलों, अबीर-गुलाल, गुलाब के फूलों के अलावा रंग और पानी के फव्वारों से जीवंत बनाया गया।
शाम चार बजे तक चली इस कपड़ाफाड़ होली की मस्ती में डूबे हजारों युवा होली के अलावा तरह-तरह के फिल्मी गीतों पर जमकर झूमते रहे। दूसरी ओर होली के रंग में डूबे लोगों को देखने आसपास की छतों पर लोग इकट्ठा रहे। लोकनाथ चौराहे की कपड़ाफाड़ होली का युवाओं में क्रेज हर तरफ छाया रहा। शहर के अन्य हिस्सों में भी वही रंग और वही मिजाज लेकर लोग निकले। इस दौरान सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए गए थे।
सुबह से शुरू हुई तैयारी, ऐतिहासिक परंपरा को जिंदा रखने के लिए निकले लोग
प्रयागराज। लोकनाथ चौराहे पर कपड़ाफाड़ होली की दशकों पुरानी परंपरा को शहर के लोगों ने जिंदा रखने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। होली पर कपड़ाफाड़ होली के ऐतिहासिक महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कभी इस आयोजन का हिस्सा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, हरिवंश राय बच्चन और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी हुआ करते थे। लोकनाथ मिलन संघ के संस्थापक रवींद्र पांडेय बताते हैं कि कपड़ाफाड़ होली देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते रहे हैं। इस बार कपड़ाफाड़ होली के इंतजामों में किशोर चौरसिया, शिवनंदन पांडेय, ब्रजेश पुरवार, दीपक पुरवार, रामलाल चौरसिया, अनुज अग्रवाल प्रमुख थे।
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कपड़ाफाड़ होली को कैमरे में कैद करने की होड़
प्रयागराज। छतों, बारजों से बरसते रंगों के बीच कुर्ता, शर्ट और गंजी उतारकर झूमते लोगों को कैमरे में कैद करने की होड़ मची रही। लोग उन क्षणों को यादगार बनाने के लिए सेल्फी भी लेते रहे।
Loknath's cloth Holi, Jhoi Toli in rain of colors- फोटो : ALDCOMPACT