नैनी सेंट्रल जेल में बंद बाहुबली नेता और फूलपुर से सांसद रहे अतीक अहमद को सोमवार को अदालत ने झटका दे दिया। अतीक ने शनिवार को वाराणसी से चुनाव लड़ने और प्रचार करने के लिए 3 सप्ताह के लिए पैरोल की मांग की थी। स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के जज पवन तिवारी ने उसे पैरोल देने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पैरोल देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, अतीक वाराणसी से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना चाहता है। इसके लिए उसने तीन हफ्ते के पेरोल की इजाजत मांगी थी। आपको बता दें कि वाराणसी से ही पीएम मोदी भी चुनाव मैदान में हैं।
पूर्व सांसद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने रविवार को संवाददाताओं को बताया था कि वे शनिवार को नैनी केंद्रीय कारागार में अतीक अहमद से मिलने गई थीं और उन्होंने वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी।
बकौल शाइस्ता सभी पार्टी के प्रत्याशियों को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि सारी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाक ओवर दे दिया है। यदि सपा, बसपा गठबंधन, कांग्रेस ईमानदारी से भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को कड़ी चुनौती देना चाहते हैं तो क्यों न सारी पार्टियां अतीक अहमद का समर्थन करें।
लेकिन स्पेशल कोर्ट के इस झटके के बाद अतीक की हसरत पूरी नहीं हो पाएगी।