फूलपुर सीट अपना दल के खाते में जा सकती है। अपना दल अनुप्रिया पटेल संदेश यात्रा के जरिए फूलपुर लोकसभा के पांच विधानसभा क्षेत्रों में ताकत दिखा चुका है। साथ ही शाह और नड्डा के सामने दावेदारी की गई है।
फूलपुर लोकसभा सीट इस बार भाजपानीत गठबंधन के खाते में जा सकती है। अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल यहां से पांच बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन इस सीट से जीतने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
अब पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रहीं अपना दल एस की अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तक संदेश पहुंचाकर फूलपुर सीट पर दावा जता दिया है।
अपना दल एस के पास फिलहाल गठबंधन में लोकसभा की दो सीटें हैं। इनमें राबर्ट्सगंज सुरक्षित और मिर्जापुर-भदोही शामिल हैं। अब नए समीकरण में जब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी पारी की बिसातें बिछ रही हैं, तब सहयोगी दल अद एस ने फूलपुर सीट पर भी अपनी दावेदारी कर दी है।
विज्ञापन
हाल में ही अपना दल एस के राष्ट्रीय महासचिव नागेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में अनुप्रिया पटेल संदेश यात्रा फूलपुर लोकसभा सीट के पांच विधान सभा क्षेत्रों में निकाल कर गांव-गांव संगठन की ताकत का अहसास करा चुके हैं।
शहर पश्चिम, शहर उत्तरी, फूलपुर, सोरांव और फाफामऊ विधान सभा क्षेत्रों में अनुप्रिया संदेश यात्रा के जरिये माहौल ही नहीं बनाया गया, बल्कि भाजपा नेतृत्व को संदेश भी देने की कोशिश की गई। फूलपुर सीट पर अपना दल एस की दावेदारी के बाद अब भाजपा के भी कुछ नेता इस बात को अंदरखाने स्वीकार करने लगे हैं।
रणनीतिकारों का मानना है कि अबकी बार चार सौ पार के नारे को साकार करने में जुटी भाजपा भी यूपी में अपने सहयोगी दलों को हर कीमत पर साध कर आगे बढ़ना चाहती है। फिलहाल प्रदेश में यादवों के बाद सबसे बड़ी आबादी के रूप में देखे जाने वाले कुर्मी मतदाताओं को भाजपा अपने साथ रखने के लिए अपना दल एस को नाराज नहीं करना चाहती। ऐसे में फूलपुर सीट अपना दल एस के खाते में जाने की उम्मीदें जगने लगी हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में गठबंधन में मिली 17 में से 16 सीटों पर अद एस ने उम्मीदवार उतारे थे। इसमें 13 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे अपना दल एस ने अपनी बढ़ती ताकत के आधार पर भी हिस्सेदारी बढ़ाने के मन बनाया है। सियासी जानकारों का कहना है कि अगर यह सीट अपना दल के खाते में आई तो पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह का टिकट पर मजबूत दावा होगा। वह केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट पर सपा के टिकट पर उप चुनाव जीत कर सांसद चुने गए थे।
फूलपुर से पांच बारे हारे अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पिता और अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल ने फूलपुर को अपनी सियासी कर्मभूमि बनाई थी। वह इस सीट से 1996 से लेकर 2009 तक लगातार पांच चुनाव लड़े थे, लेकिन कभी इस सीट पर जीत नहीं हासिल कर सके। सोनेलाल पटेल को 1996 के चुनाव में 2426 वोट, 1998 में 42152, 1999 में 127780 वोट, 2004 के चुनाव में 80388 वोट और 2009 के चुनाव में 76699 वोट मिले थे।