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प्रयागराज : एक ऐसा मोहल्ला जिसका नाम ही है गोबर गली, यहां होती है भैंसों की जय जयकार

Mon, 05 Sep 2022 11:12 PM IST
विनोद सिंह विनोद सिंह बघेल, प्रयागराज

सार

कई दशकों से यह मुहल्ला भैंसों का अड्डा बना हुआ है। सड़क के दोनों तरफ खूंटे से बंधी भैंस ही दिखाई देंगी और सड़क पर गोबर का साम्राज्य। नालियां गोबर से पटी हैं तो सड़क का रंग ही गोबर में तब्दील हो गया है।
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Prayagraj News : गोबर गली। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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स्मार्ट सिटी प्रयागराज के मध्य में बसा एक मोहल्ले के नाम गोबर गली है। सुनने में यह काफी अजीब लगता है लेकिन यह बिल्कुल सत्य है। मुहल्ले में घुसने से पहले ही भैंस और गोबर की दुर्गंध से आप तिलमिला सकते हैं। कई दशकों से यह मुहल्ला भैंसों का अड्डा बना हुआ है। सड़क के दोनों तरफ खूंटे से बंधी भैंस ही दिखाई देंगी और सड़क पर गोबर का साम्राज्य। नालियां गोबर से पटी हैं तो सड़क का रंग ही गोबर में तब्दील हो गया है।
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नगर निगम की तमाम कवायद और सख्ती के बावजूद न तो भैंस को हटाया जा सका न ही गंदगी से निजात पाया जा सका। ताजा मामला तब संज्ञान में आया जब गोबर गली में फिसलकर गिरने से सीएमपी लॉ कॉलेज के एक छात्र का सिर फट गया। आक्रोशित छात्रों ने जमकर हंगामा किया और चक्काजाम किया। नगर निगम ने बंदरघुड़की दिखाई इसके बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।

शहर के महात्मा गांधी मार्ग पर सीएवी इंटर कॉलेज से के बगल से फायर स्टेशन चौराहा और नवाब युसुफ रोड को जोड़ने वाली सड़क का नाम गोबर गली है। इस सड़क पर कई शिक्षक संस्थान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। जिसमें केपी गर्ल्स इंटर कॉलेज, केपी लॉ कॉलेज और केपी ट्रेनिंग सेंटर सहित कई शिक्षण संस्थान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। 


सड़क पर गोबर और दीवार पर कंडा
स्मार्ट सिटी प्रयागराज को मुंह चिढ़ाते इस गोबर गली में सड़क पर गोबर और दोनों तरफ दीवारों पर गोबर के उपली और कंडों का साम्राज्य कायम है। दूर से ही इसकी दुर्गंध के चलते लोग नाक दबाने के लिए बाध्य हो जाते हैं। यह पूरा मुहल्ला ही तबेले में तब्दील हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति तो और भी कराब हो जाते है जब सड़क के दोनों तरफ की नालियां गोबर से ही भर जाती हैं। 

इसलिए नाम पड़ा गोबर गोली
इस गली में पशु पालकों की संख्या काफी अधिक है। हर परिवार में कई भैंस हैं। पशुओं की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। घर में जगह कम पड़ने के बाद पशुओं को सड़क पर बांधा जाता है। सड़क के दोनों तरफ भैंसों और उनके पड़वों को बांधने के कारण पूरे सड़क पर कब्जा हो गया है। या यूं कहें तो पूरा मुहल्ला ही तबेले में पूरी तरह से तब्दील हो गया है।


भैंसों के आगे झुका मिनी सदन
भैंसों के आगे नगर निगम का मिनी सदन भी नतमस्तक हो चुका है। कई बार भैंसों को यहां से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया और कार्रवाई की कोशिश की गई, लेकिन भैंसों के आगे किसी की नहीं चली और अंतत: गोबर गली में भैंसों का साम्राज्य कायम है। 
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हड्डी के डॉक्टर भी रहते हैं गोबर गली में
गोबर गली में एक जाने माने हड़्डी के डॉक्टर भी रहते थे। जिनकी विरासत को अब उनके बच्चे संभाल रहे हैं। कोई डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ अपने तजुर्बे के बल पर वह हड्डी के पुराने से पुराने रोग को ठीक करते थे। अब उनकी इस विधा को उनके बच्चे आगे बढ़ा रहे हैं। 
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