जिला अदालत ने नाबालिग की हत्या और अप्राकृतिक दुराचार के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। यह आदेश अपर विशेष न्यायाधीश,पॉक्सो एक्ट अंजू कनौजिया ने विशेष लोक अभियोजक,पॉक्सो एक्ट सविता पाठक को सुनकर दिया।
अभियोजन के अनुसार पीड़ित के चाचा ने नैनी थाना में 2014 में होरी लाल कहार निवासी गुठिल्ला,थाना अतर्रा जिला बांदा और नंद लाल भारतीया ग्राम देवरख थाना नैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 14 फरवरी 2014 को भतीजा घर से खेलने के लिए निकला था जो रात में वापस नहीं आया। रातभर घरवालों ने तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
सुबह खोजबीन के दौरान गांव की महिलाओं व बच्चों ने बताया कि आपका भतीजा कल शाम को होरी लाल और नंद लाल के साथ बगीचे की ओर जा रहा था। बाद में पीड़ित का शव गांव के पास नाले में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रक्त लगा पायजामा होरी लाल की झोपड़ी से बरामद किया था। विचारण के दौरान नंदलाल की 2023 में मृत्यु हो गई।
कोर्ट ने हत्या के मामले में होरी लाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष की सजा सुनाई और 17 हजार का जुर्माना भी लगाया। साथ ही पॉक्सो के मामले में दस वर्ष की कठोर कारावास और दस हजार का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी।