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Prayagraj News: कटरा के कारोबारियों की हत्या में दोस्तों को उम्रकैद

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जिला अदालत ने आठ साल पहले कटरा के दो कारोबारियों अमित केशरवानी, सचिन जायसवाल की हत्या करने वाले दो दोस्तों दिव्यांशु चौरसिया और कृष्णा केशरवानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध तिवारी की अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश आठ गवाहों, सक्ष्यों और अभियोजन की ओर से पेश डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद्र अग्रहरि, विशेष लोक अभियोजक विमल चंद्र पाठक, अखिलानंद दिवेदी की दलीलों के आधार पर सुनाया है।
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मामला वर्ष 2016 का है। कर्नलगंज के कटरा निवासी कपड़ा कारोबारी अमित केशरवानी और स्टेशनरी कारोबारी सचिन जायसवाल की 24 नवंबर को हत्या कर दी गई थी। आरोप उनके ही दोस्त दिव्यांशु चौरसिया और कृष्णा केशरवानी पर लगा था। अमित के भाई नितिन की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी। तहरीर के मुताबिक दोस्तों के साथ काम से जाने की बता कहकर देर रात निकला अमित घर नहीं लौटा।
अमित की पत्नी के कहने पर नितिन ने काली मंदिर पर देखा तो दिव्यांशु और कृष्णा अमित को मार रहे थे। उसे देख सफारी में अमित को लेकर भाग गए। थोड़ी देर बाद आनंद हॉस्पिटल से फोन पर जानकारी दी गई कि कुछ लोग अमित का शव लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों की देख दिव्यांशु और कृष्णा उन्हें धमकी देकर भाग गए। जाते-जाते उन्होंने ही बताया कि पैसे का तगादा करने होने की वजह से अमित और सचिन को मारे हैं। सचिन का शव एसआरएन में पड़ा है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद कटरा के व्यापारियों का गुस्सा सड़कों पर उतरा था। कटरा मार्केट बंद कर दी गई थी।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया और बाद में हत्या का आरोप पत्र दाखिल हुआ। इसके बाद आठ साल चले ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने कारोबारियों के चर्चित दोहरे हत्याकांड के लिए उनके दोस्त दिव्यांशु और कृष्णा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। हालांकि, डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद अग्रहरि ने इसे विरलतम मामला बताते हुए फांसी की सजा मांगी थी। अदालत ने निर्धारित अर्थदंड की राशि की पचास प्रतिशत राशि बतौर मुआवजा मृतकों के विधिक वारिश की अदा करने का आदेश भी दिया है।
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