ऑनर किलिंग के एक मामले में कोर्ट ने पिता समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। गैर बिरादरी के युवक से प्यार करने में युवती की नौ साल पहले उसके पिता ने रिश्तेदारों संग मिलकर गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद सिर और धड़ अलग-अलग जगह फेंक दिए थे।
एडीजे मधु डोंगरा ने नगर कोतवाली के गोंडे़ गांव निवासी नवाब उर्फ नब्बू (लड़की का पिता) पुत्र नूर मोहम्मद, उसके रिश्तेदार सुगान पुत्र हबीब निवासी घोरहा लालगंज, सगीर अहमद पुत्र रज्जन निवासी सगरासुंदरपुर लालगंज, नफीस उर्फ शरीफ पुत्र रज्जन सगरासुंदरपुर लालगंज को ऑनर किलिंग का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25,000-25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त हबीब पुत्र नसीरुद्दीन निवासी घोरहा, लालगंज को तीन वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटनाक्रम के अनुसार 13 सितंबर 2011 को सगरासुंदरपुर निवासी शिवगंगा शुक्ल ने पुलिस को सूचना दी कि प्राइमरी स्कूल सगरासुंदरपुर के निकट नहर में सिरकटी लाश पड़ी है। मृतका का कटा हुआ सिर नगर कोतवाली के गोंड़े गांव में मिला था। परिजनों ने उसकी पहचान शमीम परवीन के रूप में की थी।
पुलिस की सख्ती के बाद नवाब ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी बेटी शमीम दूसरी जाति के युवक से प्यार करती थी, जिसके चलते समाज में उसकी बदनामी हो रही थी। झूठी शान के लिए उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर शमीम की हत्या कर दी थी। नौ साल तक कोर्ट में चली गवाही और जिरह के बाद शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।