सात वर्षीय बच्ची को बिस्कुट खिलाने के बहाने ले जाकर उससे दुष्कर्म और हत्या करने के अभियुक्त को अदालत ने अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 75 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट आलोक कुमार शुक्ला ने सुनाया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजेश गुप्ता, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो विनय कुमार त्रिपाठी और एसपीओ संजय सिंह ने अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए।
घटना 29 फरवरी 20 16 की सराय इनायत थाने के हनुमानगंज की है। पीड़ित पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हनुमानगंज कोऑपरेटिव बैंक सराय लाहौर पुर के पास उसकी सकोरे की दुकान थी । शाम लगभग आठ बजे अभियुक्त राकेश यादव टेंपो चालक दुकान पर आया और उसकी सात वर्षीय पुत्री को बिस्कुट दिलाने के लिए कह कर अपने साथ ले गया। जब वह वापस लौट कर नहीं आया तो उसने तलाश करना शुरू किया । सुबह उसकी पुत्री की लाश हनुमान गंज स्थित पक्का तालाब के पास मिली ।
अभियुक्त ने उसकी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म कर हत्या किया था । अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए 14 गवाहों को पेश किए। अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन ने अभियुक्त के लिए मृत्युदंड की सजा की मांग की। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि मामला विरल से विरलतम की श्रेणी में नहीं आता है। अदालत ने अभियुक्त को हत्या, दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की धाराओं में उम्र कैद की सजा और 75 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई । जुर्माने की धनराशि में से तीन चौथाई रकम मृतका के माता-पिता को बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है।