नकली रेमेडीविर इंजेक्शन
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28 मई को दोनों दवा कारोबारी हुए थे गिरफ्तार
नकली इंजेक्शन बेचने के आरोपी पंकज अग्रवाल के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और उनकी धर्मपत्नी महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के साथ अच्छे संबंध है। पंकज अग्रवाल इससे पहले भी धोखाधड़ी के प्रकरण में जेल जा चुका है। 28 मई को कानपुर पुलिस और प्रयागराज क्राइम ब्रांच की टीम ने पंकज अग्रवाल और मधुरम बाजपेई को गिरफ्तार किया था। उन दोनों ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की एक डॉक्टर को दो लाख रुपए में 20 नकली इंजेक्शन बेचे थे। इस बात की जानकारी उन लोगों ने खुद पुलिस को दी थी। उसके बाद कानपुर पुलिस दोनों को लेकर चली गई थी। वहां लिखा पढ़ी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था।
पुलिस की जांच जारी, कई और पर भी गिर सकती है गाज
प्रयागराज पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुट गई है, जो नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले पंकज अग्रवाल और मधुरम बाजपेई के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार जांच पड़ताल में यह जानकारी मिली है कि लखनऊ के विजय मौर्य के माध्यम से नकली दवाओं की सप्लाई प्रयागराज में होती थी। जिनमें दो मेडिकल स्टोर संचालकों की तो गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अभी शहर के बेली हॉस्पिटल, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और काल्विन हॉस्पिटल के सामने चलने वाले कई मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इन लोगों के बारे में पड़ताल कराई जा रही है। एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि नकली इंजेक्शन और दवाओं की सप्लाई और बिक्री घोर अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।