इलाहाबाद। अश्विन मास कृष्णपक्ष में पितरों के श्राद्ध तर्पण को संगम समेत गंगा के विभिन्न तटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा है। तीर्थपुरोहितों की देखरेख में यजमानों द्वारा कर्मकांड पूरे किए जा रहे हैं। मंगलवार को जिनकी तिथि चतुर्थी थी का श्राद्ध तर्पण किया गया। गया जाने वाले श्रद्धालुओं का प्रयाग आकर तर्पण पूजन करने का क्रम जारी है।
ब्रह्ममुहूर्त से संगम सहित गंगा के विभिन्न तटों पर पर भी पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। राजकुमार शर्मा निशान थाली वाले की देखरेख में छत्तीसगढ़ से आए यजमानों ने क्षौरकर्म करा गंगा स्नान किया गया। परंपरागत रीति से पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण और श्राद्धकर्म पूरा किया गया। सामर्थ्य एवं श्रद्धा अनुसार गोदान, वस्त्र अन्न दान भी किया। सुधांशु पांडेय, निशान छींट वाले के यहां राजगढ़ मध्यप्रदेश, चौबे पंडा निशान छींट वाले के यहां सिंधी, अनूप त्रिपाठी निशान पीली कोठी की देखरेख में राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने पिंडदान किया।
तीर्थराज बने अंतरराष्ट्रीय संयोजक
इलाहाबाद। संगम को विश्वधरोहर का दर्जा दिलाने के लिए अभियान चला रही प्रयागराज सेवा समिति की मंगलवार को दारागंज में बैठक हुई। जिसमें तीर्थराज पांडेय को विश्व धरोहर अभियान का अंतरराष्ट्रीय संयोजक चुना गया। बैठक में डा. शंभूनाथ त्रिपाठी, डा. राजश्री पांडेय, योगराज शास्त्री, कुलभास्कर श्रीवास्तव, आशुतोष शुक्ला, गगन यादव, प्रीति श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता धर्मराज पांडेय ने की।