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तेंदुआ ने अब नीलगाय के बच्चे का किया शिकार

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खेत में पड़ा नीलगाय के बच्चे का शव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दहशत में गांव वाले, वन विभाग वाले बता रहे पुराना शिकार
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वन विभाग ने ईश्वरपुर गांव के जंगल में लगाया दूसरा पिंजड़ा

मीरगंज/शीशगढ़। तेंदुआ की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अब तेंदुआ ने ईश्वरपुर के जंगल में नीलगाय के बच्चे का शिकार किया। हालांकि वन विभाग वाले इसे पुराना मामला बता रहे हैं। इसके बाद वन विभाग की टीम ने वहां एक और पिंजड़ा लगाया है।
पिछले दिनों शीशगढ़ के गांव बुझिया में तेंदुआ ने उपासना नाम की बच्ची को शिकार बना लिया था। इसके बाद वन विभाग ने पिंजड़ा लगाया तो एक तेंदुआ उसमें कैद हो गया। मगर उसके बाद से ही गांव वाले क्षेत्र में एक और तेंदुआ देखने का दावा कर रहे हैं लेकिन वन विभाग इसको लगातार नकार रहा है। हालांकि गांव वालों के कहने पर वन विभाग की टीम ने एक पिंजड़ा लगा रखा था। बृहस्पतिवार को ईश्वरपुर गांव के लोगों ने बताया कि बुधवार शाम उन्होंने खेताें में तेंदुआ को एक नीलगाय के बच्चे को शिकार करते देखा। शोर मचाया तो तेंदुआ भाग गया। सूचना पर छंगा टांडा चैकी इंचार्ज मनोज कुमार और बंजरिया चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से खेतों पर समूह में पूरी तैयारी के साथ जाने की बात कही। इसके बाद बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम ने ईश्वरपुर के जंगल में भी एक पिंजड़ा लगा दिया है। वहीं, गांव वालों में तेंदुआ को लेकर दहशत व्याप्त है और वे खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं।

नीलगाय के बच्चे को तेंदुआ द्वारा शिकार करने की सूचना मिली है। टीम को जांच करने हेतु मौके पर भेजा गया लेकिन शिकार पुराना निकला है। हालांकि वहां एक और पिंजड़ा लगा दिया गया है। - रवींद्र सक्सेना, रेंजर बहेड़ी

कैमरे चेक न होने से नहीं मिली बाघिन की सटीक लोकेशन

फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में कई महीने से डेरा जमाए बैठी बाघिन की लोकेशन बृहस्पतिवार को कैमरे चेक नहीं होने के कारण नहीं मिल सकी। बता दें कि पिछले काफी समय से वन विभाग की टीम बाघिन को पकड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है। हालांकि टीम ने बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए कई पिजड़े भी लगाए हैं और दो शिकार खुले में भी बांधे हैं। मगर बाघिन खुले में बांधे गए शिकार पर हमला नहीं कर रही है। हालांकि टीम झाड़ियों से सड़े मांस की बदबू आने बावजूद झाड़ियों में जाने की हिम्मत नहीं कर पाती है। संवाद

नदी से निकलकर गांव में पहुंचा मगरमच्छ

दुनका। शाही इलाके के गांव बसई के समीप बह रही कुल्ली नदी से निकलकर एक मगरमच्छ बृहस्पतिवार को गांव के ही नेकपाल और पीतमलाल के दरवाजे तक पहुंच गया। इससे गांव वालों में दहशत व्याप्त है।
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लोगों ने बताया कि शाम के समय सभी अपने घरों मे थ। इसी दौरान कुल्ली नदी से निकलकर मगरमच्छ नेकपाल और पीतमलाल के घरों के पास पहुंच गया। नेकपाल किसी काम से बाहर निकले तो दरवाजे के पास मगरमच्छ देखकर चीख पडे़। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से लाठी डंडे लेकर निकल आए तो मगरमच्छ फिर पानी में चला गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इस मगरमच्छ को वहां से पकड़वाकर दूर नदी में छुड़वाने की मांग की है। संवाद
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