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Prayagraj : झूंसी में पहली बार सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ, एसटीपी प्लांट के गेट पर देखा गया

Thu, 16 Oct 2025 12:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Leopard News : झूंसी इलाके के हरिश्चंद्र शोध संस्थान से लेकर हनुमानगंज तक तेंदुएं की दहशत है। हर गांव और हर घर में दहशत का माहौल है। शाम होते ही लोग घरों से निकलने से बचते हैं। वन विभाग तीन महीने में तेंदुए को पकड़ नहीं सका है। जाल से लेकर पिंजरा तक लगाया गया लेकिन सब बेकार साबित हो रहा है। 
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगापार के हनुमानगंज इलाके से निकलकर झूंसी में आया जंगली जानवर तेंदुआ पिछले पांच दिनों से आतंक का पर्याय बना हुआ है। अभी तक यह कहा जा रहा था कि तेंदुआ हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के भीतर घने जंगल में डेरा जमाए हुए है, लेकिन मंगलवार की रात से उसे झूंसी के गंगातट के किनारे की बस्ती में देखे जाने की चर्चा रही। इसी बीच बुधवार की सुबह गंगा तट के किनारे बने एसटीपी प्लांट के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की तस्वीर कैद हो गई। वह एसटीपी प्लांट के गेट से होकर आगे जाता हुआ दिखाई दिया है।

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घटना की जानकारी बुधवार की सुबह वन विभाग के अधिकारियों को दी गई तो दोबारा उसकी तलाश शुरू की गई। हालांकि देर शाम तक फिर तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका था। उधर, घनी आबादी के बीच में तेंदुए के देखे जाने से वहां के लोगों में भारी भय व्याप्त है। लोगों ने वन विभाग के अफसरों से जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़े जाने की मांग की है। 

एचआरआई से निकलकर आसपास के गांवों में घूम रहा तेंदुआ

थाना क्षेत्र के छतनाग इलाके में स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के जंगल से निकलकर तेंदुआ अब आसपास के इलाके में धमा चौकड़ी कर रहा है। एचआरआई परिसर में तेंदुए को दबोचने के लिए दो दिन पहले ही वन विभाग ने चार नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। हालांकि अब तक उसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हो पाई। इसी बीच मंगलवार की रात तकरीबन होने पौने दस बजे तेंदुए को हरिश्चंद्र शोध संस्थान से तकरीबन आधा किलोमीटर आगे स्थित एसटीपी प्लांट के गेट के बाहर देखा गया। उस वक्त ड्यूटी पर सुरक्षाकर्मी रामलाल तैनात था।

रामलाल की माने तो तकरीबन 9:53 पर उसने अपनी आंखों से तेंदुए को सामने से जाते हुए देखा। अचानक जंगली जानवर तेंदुए को देखकर सुरक्षाकर्मी रामलाल के होश उड़ गए थे। कुछ देर के लिए उसके हाथ पैर भी कांपने लगे थे। घटना की जानकारी उसने तत्काल अपने सिक्योरिटी चीफ सत्यम झा को दी। बाद में प्लांट के बाहर गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी चेक किया गया तो साफतौर पर उसमें तेंदुआ नजर आया। मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है। उन्हें सीसी टीवी का फुटेज भी दिखाया गया है। तेंदुए को आबादी के बीच देखे जाने से लोगों में भय व्याप्त है। लोगों ने जल्द से जल्द वन विभाग से तेंदुए को पकड़े जाने की मांग की है।
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झूंसी में गंगातट के किनारे पांच किलोमीटर के रेंज में है तेंदुए का आतंक

झूंसी में गंगा तट के किनारे के तकरीबन पांच किलोमीटर के रेंज में पिछले पांच दिनों से तेंदुए का आतंक है। पांच दिन पहले तेंदुए को सबसे पहले गंगा तट के किनारे श्मशान घाट के पास देखा गया था। उसके दूसरे दिन शाम को हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के वॉच टॉवर एक के पास सुरक्षाकर्मी ने देखा। इसके अगले दो दिनों तक सुरक्षाकर्मियों ने परिसर के भीतर जगह-जगह पर देर रात में तेंदुए को देखे जाने का दावा किया। हालांकि उसकी तस्वीर एक बार भी उपलब्ध नहीं हो पाई। इसी बीच मंगलवार की शाम को एचआरआई परिसर से एक किलोमीटर दूर उस्तापुर गांव के पाठशाला की पानी टंकी के पास एक खाली पड़े प्लाट के भीतर तेंदुए को देखे जाने का दावा किया गया।

हालांकि इस बार भी उसकी तस्वीर सामने नहीं आई। इसी बीच मंगलवार की रात में ही एचआरआई परिसर से तकरीबन दो किलोमीटर दूर गंगातट के किनारे बने एसटीपी प्लांट के गेट के बाहर तेंदुए को देखे जाने का दावा किया गया। गंगा तट के किनारे बने तकरीबन पांच किलोमीटर के रेंज में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। हालांकि वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत दुबे का कहना है कि सीसीटीवी में जिस जानवर की तस्वीर आई है, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि वह तेंदुआ है। वह मगर गोय जैसा जलीय जंतु लग रहा है। फिर भी हमलोग उसकी जांच में लगे हुए हैं।
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