देश की समृद्ध और बहुरंगी कला संस्कृति की विरासत को सहेजने के लिए इलाहाबाद संग्रहालय अपने रिजर्व कलेक्शन का आधुनिकीकरण कर रहा है। इन्हें संरक्षित करने के लिए अब नए वैज्ञानिक तरीकों की मदद ली जाएगी। शुरुआत लघु चित्रों, थंका पेंटिंग्स और माडर्न पेंटिंग्स के संरक्षण से की गई है। संग्रहालय में तकरीबन 1657 लघुचित्रों-थंका पेंटिंग का संग्रह जबकि आधुनिक पेंटिंग्स की संख्या एक हजार है।
संग्रहालय के असिस्टेंट क्यूरेटर राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लखनऊ के नेशनल रिसर्च लैबोरेटरी सेंटर के सहयोग से होने वाले आधुनिकीकरण के तहत लघुचित्रों और आधुनिक चित्रों की फ्रेमिंग कराकर नये तरीके की आलमारी में रखा जाएगा। वहीं कपड़ों पर बनी थंका पेंटिंग्स को हैंगिंग प्रक्रिया के तरह संरक्षित किया जाएगा जिससे उन्हें यथावत स्थिति में बरकरार रखा जा सके। इसके बाद नॉन आर्गेनिक वस्तुओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा। बता दें संग्रहालय का तकरीबन 70 प्रतिशत कलेक्शन रिजर्व में रहता है। सिर्फ 30 प्रतिशत ही प्रदर्शित किया जाता है। समय-समय पर लगने वाली प्रदर्शनियों में रिजर्व कलेक्शन को ही रोटेट किया जाता है।