मरीज का वीडियो देखने के बाद डॉक्टरों ने दूरबीन विधि से सर्जरी करके जीवित फॉरेन बॉडी (जोंक) निकाली। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज के बाईं तरफ नाक में अंदर काफी गहराई में जोंक टर्बिनेट के पीछे छिपी हुई थी और धीरे-धीरे वहां से रक्त चूस रही थी।
अस्पताल के ईएनटी विभाग के सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा ने दूरबीन विधि से बिना आसपास के नाॅर्मल स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाए सुगमता से जोंक निकाली। चिकित्सकों का कहना है कि जोंक नाक के रास्ते दिमाग या आंख में नहीं गई। डॉ. वर्मा ने बताया कि जोंक को एक जार में रखा गया है।