फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद वकीलों का गुस्सा फूटा, एकलव्य चौराहे पर लगाया जाम

Mon, 08 Jun 2026 03:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद साथी अधिवक्ताओं ने एकलव्य चौराहे के पास सड़क पर जाम लगा दिया है। इससे प्रयागराज-कानपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।
विज्ञापन
कानपुर रोड पर एकलव्य चौराहे के पास जाम लगाते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद साथी अधिवक्ताओं ने एकलव्य चौराहे के पास सड़क पर जाम लगा दिया है। इससे प्रयागराज-कानपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स को तैनात कर दिया गया है। अधिवकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। शहर में तीन दिनों तक चलने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार के शुरू हुई है।

विज्ञापन


इसको लेकर ट्रैफिक डावर्जन समेत तमाम तैयारियां  की गई हैं। ऐसे में चक्काजाम के चलते स्थिति काफी बिगड़ गई है। वाहनों को दूसरे रूट से भेजा जा रहा है,  जिससे जाम की स्थिति हर सड़क पर होने लगी है। पुलिस ने एसआरएन अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर को उसके आवास रामपुर जिले से उठा लिया है लेकिन अधिवक्ता सभी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।


विज्ञापन

यह है पूरा मामला

झूंसी थाना क्षेत्र के तुलापुर में रहने वाले पवन शुक्ला की बेटी जागृति शुक्ला इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। हाईकोर्ट की महिला क्रिकेट टीम का टूर्नामेंट होने वाला है। मैदान में इसकी प्रैक्टिस के लिए रोज सुबह क्रिकेट टीम आ रही है। जागृति शुक्ला भी इसी टीम में एक सदस्य हैं। 20 मई बुधवार को भोर में पांच बजे प्रैक्टिस के लिए आते समय वह चौदहो पीर मजार के पास हादसे का शिकार हो गईं थीं। सूचना पाकर उनकी साथी नेहा खान, रिया खान, हया रिजवी, कोच दीपंकर आदि पहुंचे।

नेहा खान और रिया खान का आरोप है कि सुबह करीब 5:30 बजे ट्रामा सेंटर में डॉक्टर सो रहे थे। एक युवा डॉक्टर काले रंग की शर्ट पहने था सबसे पहले उसने अभद्रता शुरू की और इलाज में लेट लतीफी होने लगी। इसी बात पर विवाद हुआ। जब ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया तो सब मिलकर महिला अधिवक्ताओं और दीपांकर के साथ मारपीट करने लगे।
विज्ञापन

उनके हाथ में कैंची थी और सर्जिकल ब्लेड भी था। इन्हीं सर्जिकल सामानों से हमला होने का आरोप है। किसी की कलाई में चोट लगी, किसी के गर्दन के पास चोट लगी। वीडियो बनाने की कोशिश हुई तो डॉक्टरों ने फोन छीन लिया। फोन करके बुलाने पर अधिवक्ता के साथियों में जो भी आया उन सभी से ट्रॉमा सेंटर में जमकर मारपीट और गाली गलौज का आरोप है। 

लखनऊ कर दिया गया था रेफर

एसआरएन में बवाल के कारण उपचार के लिए जागृति को शहर के एक निजी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर उन्हें पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। 18 दिनों तक चले उपचार के बाद महिला अधिवक्ता की सांसें सोमवार को सुबह छह बजे थम गईं। यह खबर मिलते ही अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें