हाईकोर्ट में अर्जेंट मुकदमों की सुनवाई को लेकर की गई ई-फाइलिंग और विडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था से वकीलों में असंतोष और भ्रम है। मुकदमा दाखिल करने के लिए बृहस्पतिवार को दर्जनों अधिवक्ता हाईकोर्ट पहुंच गए, मगर वहां ई-फाइलिंग काउंटर खुला नहीं था। कुछ लोग इस बात से भी नाराज थे कि हाईकोर्ट में मुकदमों की ई-फाइलिंग की व्यवस्था कर दी गई है, मगर उसके अनुसार कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। हाईकोर्ट में बनाया गया ई-फाइलिंग काउंटर बंद है। वकील वहां मुकदमा दाखिल करने के लिए एकत्र हुए थे।
वकीलों ने रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल से बात की तो उनको बताया गया कि बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की सलाह से ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। अधिवक्ता शिकायत एसोसिएशन के माध्यम से कर सकते हैं। दरअसल, आम दिनों में मुकदमों की ई फाइलिंग का हाईकोर्ट में अलग काउंटर बनाया गया है। लॉकडाउन के दौरान ई फाइलिंग की व्यवस्था को तमाम वकीलों ने समझा कि पूर्व की भांति मुकदमे ई फाइलिंग काउंटर पर ही दाखिल होंगे, जबकि लॉक डाउन में वकीलों को घर से बाहर निकलना पड़े इसलिए ऑनलाइन फाइलिंग की व्यवस्था की गई है।
इसी भ्रम की वजह से तमाम लोग मुकदमा दाखिल करने हाईकोर्ट पहुंच गए थे। हाईकोर्ट पहुंचे अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव ,डीपी सिंह, आलोक कुमार श्रीवास्तव, विजय दुबे, इंदीवर पांडे, मैनुद्दीन अहमद, ओमप्रकाश कटिहार आदि ने बताया कि उनको कार्यकारिणी से वार्ता करने का सुझाव दिया गया है तथा अर्जेंट एप्लीकेशन दाखिल करने की ई-मेल आईडी बताई गई है। वकीलों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का निवारण नहीं होता है तो वह विरोध प्रदर्शन करेंगै।
अर्जेंट लिस्टिंग मंजूर होने के बाद ही सुनवाई
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे का कहना है कि वकीलों को सबसे पहले मुकदमे की अर्जेंट लिस्टिंग हेतु एप्लीकेशन देनी होगी। यह एप्लीकेशन हाईकोर्ट की वेबसाइट पर ई-मेल के जरिए दी जाएगी। इसी एप्लीकेशन में वकील को यह भी बताना होगा कि वह मुकदमे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपने घर से बहस करना चाहता है या हाईकोर्ट में उपलब्ध कराई गई वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा लेना चाहता है।
यदि वह हाईकोर्ट की सुविधा लेना चाहता है तो उसे ई-पास जारी किया जाएगा। घर से बहस करने के लिए क्लाउड बेस्ड जिस्ती मीट सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होगा। इसके जरिए वह अपने घर से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमे पर बहस कर सकता है। मगर, यह सब अर्जेंट लिस्टिंग एप्लीकेशन मंजूर होने पर ही होगा। हाईकोर्ट के ओएसडी कंप्यूटर ब्रह्मतेज चतुर्वेदी के अनुसार ई-फाइलिंग के लिए अधिवक्ता को पहले हाईकोर्ट की ई-मेल आईडी पर अर्जेंसी की एप्लीकेशन देनी होगी, यदि एप्लीकेशन मंजूर होती है तो उसे एक बार कोड जारी किया जाएगा, जिसके जरिए वह अपने घर से ही मुकदमे की फाइलिंग कर सकेंगे। मुकदमा दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट आने की आवश्यकता नहीं होगी।