गंभीर आरोपों में आपराधिक मुकदमा है तो इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिलेगा। इस बाबत विद्यार्थियों से हलफनामा भी लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिए गए इस फैसले से प्रवेश प्रकोष्ठ को अवगत करा दिया गया है। अब इसकी समीक्षा की जा रही है कि कैसे मामलों में विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित किया जाएगा।
स्नातक प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट 22 जून को घोषित हो जाएंगे। इसके बाद एक सप्ताह में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन परिसर में बढ़ती अराजकता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश के स्तर पर ही इस तरह की घटनाआें में लिप्त लोगों को रोकने की रणनीति बनाई है। मेरिट में होने के बावजूद यदि गंभीर आपराधिक मुकदमे हैं तो प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विश्वविद्यालय और कालेजों में प्रवेश के समय विद्यार्थी एकेडमिक डाक्यूमेंट के साथ एंटी रैगिंग का शपथ पत्र देना पड़ता है। नया प्रावधान लागू होने के बाद अब विद्यार्थियाें इन डाक्यूमेंट के साथ इसका शपथ पत्र भी देना होगा कि उन पर कोई मुकदमा नहीं है। यदि मुकदमा है तो प्रवेश देने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन उसकी समीक्षा करेगा। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह का कहना है कि विद्यार्थियों से मुकदमों की बाबत शपथ पत्र लिया जाएगा। निर्णय का अध्ययन किया जा रहा है। उसे लागू किया जाएगा।