फिलहाल विश्वविद्यालय को सबसे पहले बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू करना है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती करनी है और संकाय विशेषज्ञता को बढ़ाना है। विश्वविद्यालय में एक समृद्ध पुस्तकालय और बुनियादी ढांचे का विस्तार भी इसकी प्राथमिकता में शामिल है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य कानूनी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना भी है। विश्वविद्यालय स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।
संस्थान छात्रों को मूट कोर्ट,मॉक ट्रायल, मध्यस्थता और अन्य माध्यमों से सैद्धांतिक ज्ञान को लागू करने के लिए व्यावहारिक अवसर भी देगा। अनुभवात्मक शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह अनुभव व्यावहारिक कौशल, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।
इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की कानूनी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है। इसके अलावा विधि विश्वविद्यालय में एक इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी, ताकि छात्र स्टार्टअप के लिए आगे बढ़ सकें। इसके तहत युवा कानूनी एप, कानूनी उत्पाद, कानूनी परामर्श आदि के साथ आगे बढ़ सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह कि शीर्ष स्तरीय कानून फर्मों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में छात्रों की भर्ती भी विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।