अमेरिका की अरबपति महिला कारोबारी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने पौष पूर्णिमा की प्रथम डुबकी के साथ सोमवार को तीन दिन का कल्पवास आरंभ किया। वह 15 जनवरी तक संगम की रेती पर शाही सुविधाओं वाले कॉटेज में रहकर सनातन की संस्कृति को समझेंगी। लॉरेन इसके बाद अपने नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका लौट जाएंगी। लॉरेन पॉवेल जॉब्स पौष पूर्णिमा पर सोमवार को गंगा, यमुना, अदृश्य सरस्वती की पावन त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाने पहुंचीं तो उन्होंने अपनी संन्यासिनी वेशभूषा से हर किसी को चौंका दिया। गेरुआ वस्त्र में संगम पर वह पहुंची थीं। वहां उन्होंने पुण्य की डुबकी लगाई। इसके बाद वह सेक्टर नौ स्थित अपने गुरु निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि के शिविर में पहुंच गईं। लॉरेन जॉब्स तीन दिन तक ही कल्पवास करेंगी। इससे पहले उनको कैलाशानंद के शिविर में होने वाली कथा में यजमान भी बनना था, लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में अतिथि के रूप में आमंत्रित होने की वजह सके वह 15 जनवरी के बाद वापस चली जाएंगी। फिलहाल वह कल्पवास के जरिए सिर्फ भारतीय जीवन शैली के अनुशासन को आत्मसात कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने गंगा , महाकुंभ और संगम की संस्कृति और महिमा के बारे में अपने गुरु कैलाशानंद से जानकारी ली।